बलिया में विधवा ने न्याय के लिए डीएम दफ्तर पर बच्चों के साथ दिया धरना, डीएम ने किया आश्वस्त

बलिया में विधवा ने न्याय के लिए डीएम दफ्तर पर बच्चों के साथ दिया धरना, डीएम ने किया आश्वस्तबलिया। जिले में राजस्व विभाग के काकस ने एक विधवा को परेशान कर रखा है। लेखपाल ने गांव के कोटेदार की बहू का आय प्रमाणपत्र कम का जारी किया जबकि विधवा की आय को अधिक दिखाया। इसके चलते आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति में कोटेदार की बहू का चयन हुआ। हालांकि विधवा की शिकायत के बाद लेखपाल ने फिर खेल किया। अपने आप को फंसता देख विधवा को कम राशि का नया आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया। लेकिन बार बार शिकायत व अधिकारियों के निर्देश के बावजूद तहसील प्रशासन व लेखपाल ने कोटेदार जांच के नाम केवल लीपापोती की। करीब छह माह बाद भी उचित कार्रवाई नहीं होने से थक हार कर विधवा ने सोमवार को कलक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कक्ष के सामने बच्चों के साथ धरना शुरू कर दिया। हालांकि डीएम ने विधवा को बुलाया और मामले की जानकारी ली तथा आश्वस्त किया कि कार्रवाई होगी। मामला बांसडीह तहसील क्षेत्र के मनियर ब्लॉक अंतर्गत दिघेड़ा गांव का है। बता दें कि जिले में करीब नौ माह पहले जिले में कुल 1365 आंगनबाड़ी सहायिका के पद के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें मनियर ब्लॉक अंतर्गत दिघेड़ा गांव के आंगनबाड़ी सहायिका पद अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित किया गया। इसी पद के लिए विधवा रंभा रानी ने आवेदन किया। लेकिन जब मेरिट लिस्ट तैयार हुई तो वरीयता क्रम के पहले नंबर पर गांव के कोटेदार की बहू पूजा का नाम रहा। बताया जाता है कि लेखपाल ने लाल कार्डधारक होने के कारण पूजा की आय 46 हजार वार्षिक तो विधवा रंभा रानी की आय 48 हजार का जारी किया। इसके बाद से ही रंभा डीएम, सीडीओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एसडीएम आदि को शिकायती पत्र व आईजीआरएस पर शिकायत करती रही। हालांकि इसी बीच लेखपाल ने रंभा को 46 हजार वार्षिक का आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया लेकिन कोटेदार की बहू के आय की जांच में लीपापोती करते रहे। रंभा के अनुसार पूजा के पति जीवित हैं व अपने पिता के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर राशन बांटने व साथ में खाद बीज की बिक्री भी करते हैं। अपने पिता के साथ संयुक्त परिवार में रहते हैं और आर्थिक रूप से मजबूत व समर्थ व्यक्ति हैं। जांच के नाम पर लीपापोती व मनमानी से तंग आकर रंभा सोमवार को बच्चों के साथ डीएम कक्ष के सामने पहुंची और न्याय के लिए गुहार लगाई।
