बलिया में पॉस्को एक्ट के दोषी को 25 वर्ष कारावास की सजा

बलिया में पॉस्को एक्ट के दोषी को 25 वर्ष कारावास की सजा
बलिया। एक्ट के मामले में न्यायालय ने दोषी को 25 वर्ष का सश्रम कारावास व 51 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। मामला चितबड़ागांव थाना क्षेत्र का है।
वर्ष 2021 में धारा 506 भादवि व धारा 4 (2) पाक्सो एक्ट के तहत छोटू सिंह पुत्र लल्लन सिंह (निवासी विशुनपुरा सुजायत, चितबड़ागांव, बलिया) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए धारा 4 (2) पाक्सो एक्ट में दोष सिद्ध पाते हुए दोषी को 25 वर्ष का सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। वहीं, भादवि की धारा 506 में दोषी को 2 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड अदा न करने पर 15 दिवस का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अभियोजन अधिकारी एडीजीसी राकेश पाण्डेय रहे।

इस मामले में न्यायपालिका ने कड़ा फैसला सुनाया है। पॉस्को एक्ट के तहत 25 वर्ष की सजा एक स्पष्ट संदेश देती है। ऐसे अपराधों के प्रति सख्त रवैया जरूरी है ताकि समाज में सुरक्षा बनी रहे। हालांकि, क्या यह सजा दोषी के पुनर्वास के लिए पर्याप्त है? मेरे विचार से, इस तरह के मामलों में शिक्षा और जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। क्या आपको लगता है कि कानून के साथ-साथ समाज को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए? इस संदर्भ में आपका क्या विचार है?