बलिया का सदर तहसील भ्रष्टाचार का अड्डा, रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार, कई रडार पर

बलिया का सदर तहसील भ्रष्टाचार का अड्डा, रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार, कई रडार पर
बलिया। जिले का सदर तहसील भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। यहां हर काम का पैसा लिया जाता है। हर दफ्तर में वसूली के लिए प्राइवेट कर्मी रखे गए हैं। एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को सदर तहसील कार्यालय से एक राजस्व निरीक्षक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों की मानें तो अभी कई रडार पर हैं क्योंकि एक और राजस्व निरीक्षक के खिलाफ डीएम से शिकायत की गई है।
जिले के सदर तहसील में चप्पे चप्पे पर भ्रष्टाचार है। बीते महीनों में कई बार सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके चलते राजस्व कर्मी खुलेआम पैसा लेकर मनमाना काम को अंजाम दे रहे हैं।
खासकर पैमाईश तो राजस्व निरीक्षकों के लिए कमाई का जरिया बन चुका है। यहां तक कि कई राजस्व निरीक्षक तो बिना मौके पर गए और आसपास के चकदारों को बिना सूचना दिया ही कागजों पर पैमाईश की रिपोर्ट लगा दे रहे।
राजस्व निरीक्षक ने जमीन की
बता दें कि जिले के ग्राम व पोस्ट सोनवानी, थाना हल्दी, तहसील सदर निवासी अशोक कुमार सिंह पुत्र स्व. सीताराम सिंह से राजस्व निरीक्षक निरीक्षक रामप्रताप राम ने पैमाइश के लिए पांच हजार रूपये रिश्वत की मांग की थी। अशोक ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन आजमगढ़ इकाई से की थी।
शिकायत के आधार पर बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। टीम ने राजस्व निरीक्षक कक्ष, प्रथम तल, कमरा नंबर 22, तहसील सदर, बलिया में दबिश दी। टीम ने आरोपी राजस्व निरीक्षक रामप्रताप राम पुत्र स्व. दिलचन्द्र राम, निवासी ग्राम व पोस्ट दयाछपरा, थाना बैरिया, जनपद बलिया को पांच रुपये की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी और रिश्वत के नोटों की बरामदगी के बाद, आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई में जुट गई।
सूत्रों के अनुसार अभी और राजस्व कर्मी रडार पर हैं जिनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है। कई राजस्व निरीक्षक ने पैमाइश में फर्जीवाड़ा किया है जिसकी शिकायत पीड़ितों ने डीएम व मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।
