बलिया में सरयू की लहरें मचा रही तबाही, तीन मकान धारा में विलीन, कईयों पर खतरा

बलिया में सरयू की लहरें मचा रही तबाही, तीन मकान धारा में विलीन, कईयों पर खतराबलिया। जिले के अलग अलग इलाकों में सरयू की लहरें तबाही मचाने लगी हैं। करोड़ों की लागत से बने अधिकांश कटर पानी में बह गए हैं। लगातार हो रहे कटान से कृषि भूमि नदी की धारा में विलीन हिती जा रही है। बाढ़ व कटान रोधी कार्यों की पोल खुलने लगी है। बैरिया क्षेत्र स्थित गोपालनगर टाड़ी के उत्तर टोला में शुक्रवार की शाम सरयू की लहरों में रमेश यादव, शैलेश यादव व मनु यादव का रिहायशी मकान नदी में विलीन हो गया। अब आसपास के कई मकानों पर खतरा मंडराने लगा है। कभी भी इन लोगों का आशियाना नदी में विलीन हो सकता है। इससे गांव में दहशत व अफरा तफरी का माहौल है। लोग अपने खून पसीने की मेहनत से बनाए गए आशियाने को खुद तोड़कर वाहनों पर लादकर अन्यत्र जा रहे हैं। कटान पीड़ितों का कहना है कि बीते चार वर्षों में करीब 375 लोगों का आशियाना नदी में विलीन हो चुका है। हालांकि बाढ़ विभाग द्वारा फ्लड फाइटिंग के तहत कटान को रोकने के लिए प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरवा कर कटान स्थल पर डाला जा रहा हैं लेकिन यह भी नाकाफी साबित हो रहा है। उधर, बांसडीह क्षेत्र में भी सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। टीएस बंधा के किनारे के गांव महाराजपुर, सुल्तानपुर में कटान तेज हो गया है। महाराजपुर में नौ करोड़ की लागत से बन रहे अधिकांश कटर ( ठोकर) नाडु में विलीन हो गए हैं। छात्र संघर्ष समिति के संयोजक व बताया जाता है कि सरयू की उफनती धारा से महाराजपुर, खादीपुर, सुल्तानपुर, भोजपुरवा, चांदपुर, ताहिरपुर गांवों के सामने खेतों में कटान तेजी से हो रहा है। बोल्डर पिचिंग व पार्को पाइन का आधा अधूरा कार्य पानी में डूब गया है। बांसो से बना बम्बू जाली भी पानी में बहने लगा है।
