बलिया में नरही पुलिस का खेल, एसपी का निर्देश भी हवाहवाई

बलिया में नरही पुलिस का खेल, एसपी का निर्देश भी हवाहवाई
बलिया। जिले में नरही थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में लाल बालू का लंबा खेल चल रहा है। एसपी के निर्देश के बावजूद भरौली बलिया मार्ग पर बालू लदी ट्रकें खूब दौड़ रही हैं। अधिकांश ट्रकें या तो बिना नंबर प्लेट की होती हैं या फिर उसका नंबर पढ़ने लायक नहीं होता।

बताया जाता है कि पिछले वर्ष महाकुंभ के दौरान भरौली बलिया मार्ग पर बालू व गिट्टी लदे ट्रकों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया। लेकिन यह फरमान आज भी लागू है और अब तो इसकी आड़ में पुलिस और खनन विभाग का काला खेल चल रहा है। बताया जाता है कि इस मार्ग पर बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली कर उन्हें बलिया जाने की छूट दी जाती है। यही नहीं लाल बालू लेकर चलने वाले अधिकांश ट्रकों पर या तो नंबर प्लेट नहीं होता है या फिर नंबर को पढ़ने लायक नहीं रख जाता है। सूत्रों की मानें तो नरही पुलिस की ओर से प्रति ट्रक रेट फिक्स किया गया है तो खनन विभाग भी मोटी रकम डकारता है। दोनों विभाग के अलग अलग दलाल हैं जो वसूली को अंजाम देते हैं।
बता दें कि हाल ही में बलिया के ही एक मामले में यूपी पुलिस को लेकर हाईकोर्ट तीखी टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि थाने, व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र बनते जा रहे हैं। प्रदेश के थाने अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के केंद्र नहीं, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों का स्थान बनते जा रहे हैं। बलिया के रसड़ा थाने में तैनात कांस्टेबल संतोष कुमार पर ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय चलाने और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उसे संरक्षण दिए जाने के मामले को गंभीर भ्रष्टाचार का मामला माना।
जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव (गृह) को पूरे मामले की जांच कर रसड़ा थाने में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए डीजीपी को 10 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई का हलफनामा कोर्ट में दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके बावजूद बलिया पुलिस बेखौफ होकर अपना खेल जारी रखे हुए है।
