बलिया में यातायात निरीक्षक की काली कमाई का जरिया बना नो इंट्री व ओवरलोडिंग

बलिया में यातायात निरीक्षक की काली कमाई का जरिया बना नो इंट्री व ओवरलोडिंगबलिया। नगर में शासन के निर्देशों को दरकिनार कर यातायात प्रभारी अवैध कमाई में जुटे हैं। शहर के हर चौराहे पर जहां अवैध वसूली होती है वहीं विभिन्न मार्गों पर लागू की गई नो इंट्री भी काली कमाई का जरिया बन चुका है। बताया जाता है कि शहर में आने वाले प्रत्येक मार्ग पर भारी वाहनों के लिए नो इंट्री लागू की गई है। यह नो इंट्री सुबह 9 बजे से ही शुरू होता है। लेकिन यातायात निरीक्षक द्वारा अवैध वसूली कर वाहनों को शहर में आने जाने की छूट दी जाती है। पूरे दिन शहर में सामान लदे ट्रक व मिनी ट्रक आते जाते हैं। सूत्रों की मानें तो रोजाना ट्रकों व मिनी से लाखों की अवैध वसूली की है। इसके अलावा ओवरलोड ट्रकों से मोटी रकम लेकर आने जाने दिया जाता है। बता दें कि एसटीएफ की ओर से ओवरलोडिंग ट्रकों से वसूली करने वाले गिरोह का खुलासा किया गया है जिसे तार बलिया से जुड़े हैं। रेलवे स्टेशन के पास एनएच पर ई रिक्शा स्टैंड का संचालन होता है जिससे यातायात प्रभारी को हर माह चढ़ावा मिलता है। तमाम प्रयास के बावजूद नगर व आसपास की सडकों पर जाम की स्थिति रहती है। बताया जाता है कि यातायात प्रभारी की शह पर जगह जगह अवैध तरीके से वाहन स्टैंड का संचालन किया जाता है। महीनों पहले शासन ने हाईवे किनारे संचालित वाहनों स्टैंडों को हटाने का निर्देश दिया। लेकिन यातायात प्रभारी की ओर से इन निर्देशों को दरकिनार कर मनमानी तरीके से संचालित ई रिक्शा को लेकर कार्रवाई करने के बजाय अवैध वसूली के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाते हैं। बताया जाता है कि नगर से सटे माल्देपुर से लेकर कदम चौराहा तक यातायात प्रभारी द्वारा दलालों के माध्यम से काली कमाई की जाती है।
