यूपी में खेल बजट कई गुना बढ़ा, हर गांव में होगा मिनी स्टेडियम: ब्रजेश पाठक

यूपी में खेल बजट कई गुना बढ़ा, हर गांव में होगा मिनी स्टेडियम: ब्रजेश पाठक
69वीं राष्ट्रीय विद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता का उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
बलिया। वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में सोमवार को 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय कुश्ती फ्री-स्टाइल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और देशभर से आए खिलाड़ियों के साथ ध्वजारोहण कर सलामी दी। उन्होंने खिलाड़ियों को शपथ दिलाकर प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा की। परिवहन मंत्री ने उपमुख्यमंत्री को साल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। साथ ही उपमुख्यमंत्री ने गुब्बारा एवं सफेद कबूतर उड़ाए।
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बलिया की ऐतिहासिक और क्रांतिकारी विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भृगु बाबा की इस धरती पर देश के कोने-कोने से आए खिलाड़ियों का स्वागत है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिस्पर्धा में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से आए 800 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जो इसे देश की सबसे बड़ी अंडर-17 राष्ट्रीय प्रतियोगिता बनाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल दिखाने का अवसर देती है। उन्होंने बलिया की आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए 1857 के नायकों, 1942 के आंदोलन और जयप्रकाश नारायण जैसे महान नेताओं को भी याद किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश और प्रदेश में खेलों को नई दिशा मिली है। उत्तर प्रदेश में खेल बजट कई गुना बढ़ाया गया है, हर गांव में मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, और खिलाड़ियों को बड़े पदों—जैसे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरटीओ पर सीधी भर्ती देकर सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से ज्यादा जरूरी है खेल भावना और देश के लिए खेलने का उत्साह। उन्होंने उम्मीद जताई कि बलिया की ऊर्जा लेकर यहां के खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहराएंगे। साथ ही सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में खिलाड़ियों और युवाओं के साथ खड़ी है।
बलिया पहली बार बना राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का मेजबान: दयाशंकर सिंह
————- उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बलिया पहली बार राष्ट्रीय स्तर की किसी खेल प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है, जो जिले के लिए गौरव का क्षण है। यह धरती ऋषि-मुनियों, क्रांतिकारियों और राष्ट्रीय नेताओं की धरती है। साथ ही देशभर से आए बालक-बालिका खिलाड़ियों को बलिया की बागी धरती की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार ने बलिया को पहली बार राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए चुना है, जो जिले के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि गंगा और सरयू के बीच बसने वाला यह पवित्र क्षेत्र सदियों से क्रांतिकारी और आध्यात्मिक परंपराओं का केंद्र रहा है। साथ ही बलिया छोटा शहर जरूर है, लेकिन यहां के लोगों का दिल बड़ा है। परंतु बलियावासी पूरे मन से खिलाड़ियों और अतिथियों का स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेलों को नई दिशा दी है। आज उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एसडीएम, सीओ, आरटीओ जैसे बड़े पदों पर सीधी नियुक्ति दी जा रही है। खेल बजट में बढ़ोतरी और खेल सुविधाओं के विस्तार से युवाओं को बेहतर मंच मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले पांच दिनों तक चलने वाली यह प्रतियोगिता सफल होगी और खिलाड़ी बलिया से सुंदर स्मृतियाँ लेकर अपने-अपने राज्यों को लौटेंगे।
जिले में राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आगाज़, 44 टीमों के 880 खिलाड़ी उतरेंगे दांव पर
——— वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में 8 से 12 दिसंबर तक आयोजित होने वाली राष्ट्रीय विद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ सोमवार को हुआ। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मंत्रोच्चार के बीच नारियल फोड़कर कुश्ती अखाड़े का विधिवत उद्घाटन किया और प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया।
इस प्रतियोगिता में देशभर के 28 राज्यों, 8 केंद्र शासित प्रदेशों और 8 अन्य यूनिट की कुल 44 टीमें भाग लिया। कुल 440 बालक और 440 बालिका खिलाड़ी अपना दमखम दिखाए। इसके अतिरिक्त 220 कोच और मैनेजर भी टीमों के साथ बलिया पहुंचे हैं।
प्रथम मुकाबले में दिल्ली, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के खिलाड़ी आमने-सामने
शुभारंभ के बाद पहले मुकाबले में बालक वर्ग के 65 किग्रा भारवर्ग में दिल्ली और तेलंगाना के खिलाड़ी आमने-सामने हुए। वहीं बालिका वर्ग में 57 किग्रा भारवर्ग में दिल्ली और आंध्रप्रदेश की प्रतिभागी खिलाड़ियों ने हाथ मिलाकर मुकाबले की शुरुआत की। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दिल्ली, गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, पांडिचेरी, जम्मू- कश्मीर, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक, झारखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, बिहार, असम, हिमाचल प्रदेश, सीबीएसई, उत्तर प्रदेश सहित नवोदय विद्यालय की टीमों ने प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, कार्यसामयिक सदस्य नागेंद्र पांडेय, सदस्य महिला आयोग श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, मुक्तेश्वर सिंह, छोटू राम, संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ मंडल नवल किशोर सिंह, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, नारद राय, जिला क्रीड़ाधिकारी जवाहरलाल यादव बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
