बलिया का कोरंटाडीह चौकी: बीते 6 साल में तीन प्रभारी व एक दर्जन पुलिसकर्मी नपे, लेकिन नहीं रुका शराब और पशु तस्करी

बलिया का कोरंटाडीह चौकी: बीते 6 साल में तीन प्रभारी व एक दर्जन पुलिसकर्मी नपे, लेकिन नहीं रुका शराब और पशु तस्करीबलिया। नरही थाना का कोरंटाडीह चौकी क्षेत्र पशु व शराब तस्करी का अड्डा बना हुआ है। बीट सिपाही से लेकर प्रभारी तक का जोर अवैध वसूली, शराब व पशु तस्करी के अलावा जमीनी विवादों में काली कमाई पर होता है। जबकि बीते छह वर्षों में तीन चौकी इंचार्ज और एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी इन आरोपों में नप चुके हैं। इसके बावजूद तस्करी व अवैध वसूली बदस्तूर जारी है। बता दें कि कोरोना काल में तत्कालीन चौकी इंचार्ज गंगा के रास्ते बिहार जा रही शराब लदी नाव पर खुद सवार थे। यह वीडियो वायरल हुआ तो तत्कालीन एसपी ने इंचार्ज व एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद करीब दो वर्ष पहले एडीजी वारणसी व डीआईजी आजमगढ़ ने नरही थाना के भरौली चौराहा पर छापेमारी पुलिस की अवैध वसूली का खुलासा किया था। उस समय नरही एसओ, कोरंटाडीह चौकी इन्चार्ज समेत कई पुलिसकर्मी व दलालों को जेल जाना पड़ा था। चौकी के सभी पुलिसकर्मी भी सस्पेंड हुए थे। बीते वर्ष फरवरी महीने में कोरोना काल के समय शराब तस्करी में संलिप्ता पर सस्पेंड हुए चौकी प्रभारी को कोरंटाडीह चौकी पर रिपोस्टिंग मिल गई। लेकिन प्रभारी ने फिर पुराना खेल शुरू कर दिया। नतीजन पोस्टिंग के पांच माह बाद ही एसपी ने शराब तस्करों के साथ संलिप्तता मिलने पर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गणेश पांडेय, हेड कांस्टेबल गणपत राम और आरक्षी प्रवीण कुमार को सस्पेंड कर दिया। इतने के बावजूद वर्तमान में यही खेल बदस्तूर जारी है। धड़ल्ले से शराब व पशु तस्करी हो रही है और अवैध वसूली सिर चढ़ कर बोल रही है। बताया जाता है कि चौकी इंचार्ज की शासन विरोधी लोगों से सांठगांठ है। ये दलाली में भी लिप्त होते है जो प्रभारी की आमदनी को चोखा करते हैं। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि विवादित जमीनों पर कब्जा दिलाने के चौकी इंचार्ज ठेका लेते हैं। यहां तक कि न्यायालयों में लंबित मामलों में भी मोटी रकम लेकर कब्जा दिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाते हैं। यही नहीं फरियाद लेकर पहुंचने वाले की पहले शैक्षिक योग्यता भी परखते हैं। बताया तो यह भी जाता है कि असलहाधारी शराब तस्कर चौकी इंचार्ज का खास है जो रोजाना शराब की बड़ी खेप बिहार भेजता है और साहब को मोटा चढ़ावा देता है। सूत्र बताते हैं कि चौकी इंचार्ज आला अफसरों के नाम पर भी वसूली करते हैं।
