बलिया में नरही थाना का कोरंटाडीह चौकी क्षेत्र शराब तस्करों के लिए मुफीद

बलिया में नरही थाना का कोरंटाडीह चौकी क्षेत्र शराब तस्करों के लिए मुफीदरोज आपस में भिड़ते हैं शराब तस्कर, पुलिस कराती है मामला शांतगंगा के रास्ते कोटवां नारायणपुर से लेकर उजियार तक मोटर बोट से बिहार पहुंचता है खेपबीट सिपाही व दलालों की चांदी, चौकी इंचार्ज तक पहुंचती है मोटी रकमबलिया। जिले के यूपी बिहार की सीमा पर नरही थाना का कोरंटाडीह चौकी क्षेत्र बीते एक दशक से शराब तस्करी का हब बना हुआ है। तस्करी का धंधा गंगा के रास्ते मोटर बोट से होता है जो बिहार के बक्सर तक पहुंचाया जाता है। इस अवैध धंधे में दलाल, बीट के सिपाही के साथ ही चौकी इंचार्ज का भी संरक्षण होता है। सूरज डूबते ही गंगा किनारे कोटवां नारायणपुर से लेकर उजियार तक कई स्थानों पर टॉर्च की रोशनी और मोटर बोट की गड़गड़ाहट शुरू हो जाती है। सूत्रों की मानें तो तस्करों के अब कई गुट हो चुके हैं और वर्चस्व की जंग भी होने लगी है। उजियार गांव में बीते माह में कई बार तस्करों में भिडंत हो चुकी है। बताया जाता है कि बीट सिपाही व इंचार्ज चौकी मामले को शांत कराते हैं ताकि ‘डेली पैकेज’ प्रभावित न हो। एक माह पहले तो एक समाजसेवी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मामले की जांच की भी मांग की थी। लेकिन जांच के नाम पर लीपापोती कर दी गई। सूत्र बताते हैं कि एक तस्कर चौकी इंचार्ज का करीबी है जो अक्सर असलहा भी दिखाता है। लोग डरे सहमे रहते हैं और आवाज नहीं उठाते क्योंकि तस्करों को बचाने के लिए पुलिस उन्हें परेशान करना शुरू कर देती है। बताया जाता है कि रोजाना शराब तस्करों से चौकी की कमाई लाखों में होता है। इसमें दलाल भी अच्छी कमाई कर लेते हैं। यही कारण है कि तस्कर बेखौफ होकर शराब की खेप को मोटर बोट से बिहार भेजते हैं।
