बलिया में भी यूपी बिहार सीमा पर अफसरों की मिलीभगत से चलता है ट्रकों के ‘पासिंग’ का खेल

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बलिया में भी यूपी बिहार सीमा पर अफसरों की मिलीभगत से चलता है ट्रकों के ‘पासिंग’ का खेल

बलिया। यूपी एसटीएफ ने जहां ओवरलोड ट्रकों के ‘पासिंग’ और करोड़ों की अवैध वसूली नेटवर्क का खुलासा किया है, वहीं जिले में यूपी बिहार की सीमा नरही थाना के भरौली चौराहा पर कुछ इसी तरह का खेल पुलिस, परिवहन व खनन विभाग के अफसरों की मिलीभगत से बदस्तूर जारी है। यही नहीं आए दिन अवैध वसूली करने वालों को पकड़ने और छोड़ने का खेल भी होता है। भरौली चौराहा खनन विभाग व नरही पुलिस की अवैध वसूली का प्रमुख ‘कलेक्शन प्वाइंट’ बन चुका है।
बताया जाता है कि बिहार के कोईलवर में लाल बालू का सबसे बड़ा खदान है। यहां बालू लेकर यूपी आने वाले ट्रकों का नजदीकी रास्ता यूपी के भरौली और बिहार के बक्सर के बीच गंगा पर बना पुल है। इस मार्ग से रोजाना हजारों ट्रकें लाल बालू लेकर यूपी के विभिन्न जनपदों को जाती हैं। सीमा पर ट्रकों की निगरानी के लिए उच्च क्षमता के कई कैमरे लगाए गए हैं। यूपी में प्रवेश करने वाले ट्रकों को आईएसटीपी जमा करने का प्रावधान है। लेकिन इससे बचने के लिए चालक नंबर प्लेट को ढंक कर यूपी में प्रवेश करते हैं। हालांकि इस पर निगरानी और कार्रवाई के लिए डीएम मंगला प्रसाद की द्वारा टीम गठित की गई है। टीम में खनन, परिवहन व पुलिस शामिल है। लेकिन इसके बावजूद दलालों का नेटवर्क अवैध वसूली कर ट्रकों को पार कराता है। अफसर भी दलालों को पकड़ने और छोड़ने का करते हैं ताकि उनकी हिस्सेदारी बनी रहे। कई दलाल तो हूटर लगी लग्जरी वाहनों से चक्रमण कर ट्रक चालकों को लोकेशन देते हैं। इससे भले ही रोजाना सरकार के लाखों के राजस्व का नुकसान होता है लेकिन खनन, पुलिस और परिवहन विभाग के अफसरों की जेब लाल हो रही है।
बता दें कि 22 माह पहले एडीजी वारणसी व डीआईजी आजमगढ़ ने भरौली चौराहे पर छापेमारी कर पुलिस की अवैध वसूली का खुलासा किया था। उस समय हुई बड़ी कार्रवाई में नरही एसओ, कोरंटाडीह चौकी इन्चार्ज समेत कई पुलिसकर्मी व दलालों को जेल जाना पड़ा था। हालांकि अब अधिकांश को जमानत मिल चुकी है। लेकिन अब भी हालात नहीं बदले। अवैध वसूली जहां जोरों पर है वहीं शराब व पशु तस्करी बदस्तूर जारी है।

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