बलिया: सीडीओ ने की बेसिक शिक्षा विभागकी समीक्षा, खंड शिक्षा अधिकारी, गड़वार का वेतन रोका

बलिया: सीडीओ ने की बेसिक शिक्षा विभागकी समीक्षा, खंड शिक्षा अधिकारी, गड़वार का वेतन रोका
बलिया। मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित स्कूल चलो अभियान एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी, गड़वार की प्रगति अत्यंत खराब पाए जाने पर उन्होंने वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ ने आरटीई (RTE) प्रवेश की समीक्षा की। ब्लॉकवार आवंटन के सापेक्ष प्रवेश की प्रगति में कुछ ब्लॉकों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया। विशेष रूप से नगर क्षेत्र एवं चिलकहर की प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देशित किया गया कि वे अभिभावकों से सीधे संपर्क स्थापित कर तथा विद्यालयों के सहयोग से शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराएं।
जिन निजी विद्यालयों द्वारा जानबूझकर प्रवेश नहीं दिए जा रहे हैं, उनके विरुद्ध नोटिस जारी कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। स्कूल चलो अभियान के तहत
गत वर्ष 55,000 नए नामांकन के सापेक्ष इस वर्ष जनपद के लिए 75,000 नए नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी ब्लॉकों एवं विद्यालयों को लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है। निर्देशित किया गया कि सभी नामांकन पूर्ण कर पोर्टल पर समयबद्ध फीडिंग सुनिश्चित की जाए। आंगनबाड़ी से पास हुए बच्चों को चिन्हित कर उनका तत्काल नामांकन कराने के निर्देश दिए गए।
इसकी साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा पीएम श्री विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्य को 30 अप्रैल तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) के उच्चीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई।
कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया कि डीसी बालिका एवं डीसी निर्माण के माध्यम से सभी BEO अगले 2 दिनों में निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, निर्माण कार्य के समानांतर स्टाफ नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए।
जहां निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां संबंधित प्रोजेक्ट मैनेजर के विरुद्ध शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से खंड शिक्षा अधिकारी, गड़वार की प्रगति अत्यंत खराब पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। चेतावनी दी गई कि यदि नामांकन एवं निर्माण कार्यों में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हेतु प्रकरण शासन को प्रेषित किया जाएगा।
