बलिया: राष्ट्रीय लोक अदालत में 56,592 मामलों का निस्तारण, 21.40 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय

बलिया: राष्ट्रीय लोक अदालत में 56,592 मामलों का निस्तारण, 21.40 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय*
बलिया। जनपद न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनिल कुमार झा ने दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार गोंड ने किया। इस अवसर पर न्यायालय के सभी पीठासीन अधिकारी, बैंक प्रबंधक, कर्मचारी तथा वादकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी, फौजदारी, राजस्व, बैंक एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों ने कई मामलों का समझौते के आधार पर निपटारा कराया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 2291 फौजदारी मामलों का निस्तारण करते हुए 6,30,400 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। विभिन्न न्यायालयों में कुल 3212 मामलों का निस्तारण कर 6,61,830 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। सिविल न्यायालयों द्वारा कई मामलों में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी जारी किए गए, जिनकी कुल धनराशि 1,63,66,082.42 रुपये रही। वहीं स्थायी लोक अदालत में दो सिविल मामलों का निस्तारण कर 5,000 रुपये की समझौता राशि तय की गई। परिवार न्यायालय में भी वैवाहिक मामलों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा 20 तथा अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश द्वारा 25 वैवाहिक मामलों का समाधान कराया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 27 मामलों का निस्तारण कर 1,42,25,000 रुपये का प्रतिकर प्रदान किया। राजस्व विभाग द्वारा 21,436 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि उपभोक्ता फोरम में पांच मामलों का निपटारा कर 9,13,847 रुपये का प्रतिकर दिया गया। बैंक से जुड़े प्री-लिटिगेशन के 1102 मामलों का निस्तारण करते हुए 5,92,96,403 रुपये की समझौता राशि तय की गई, जिसमें से 2,55,78,678 रुपये मौके पर ही वसूले गए। दूरसंचार विभाग ने 10 मामलों का निपटारा कर 84,842 रुपये की वसूली की।
इसके अलावा विद्युत विभाग द्वारा 30,755 मामलों का निस्तारण कर 12,26,15,321 रुपये की समझौता धनराशि तय की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 56,592 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 21,40,36,140 रुपये की समझौता धनराशि तय हुई, जबकि मौके पर ही 14,89,40,671 रुपये की वसूली की गई।
