बलिया में नववर्ष को हुई पुलिस मुठभेड़ ने याद दिलाया नौशाद प्रकरण, परिजन बता रहे गलत

बलिया में नववर्ष को हुई पुलिस मुठभेड़ ने याद दिलाया नौशाद प्रकरण, परिजन बता रहे गलत
साढे चार वर्षीय बालक भी खोल रहा पोल
बलिया। जिले के नरही थाना क्षेत्र में नववर्ष को हुई पुलिस मुठभेड़ ने करीब डेढ़ दशक पहले हुई नौशाद प्रकरण की याद ताजा कर दी है। परिजनों ने दावा किया है कि नववर्ष को दिन में ही बाजार से लौट रहे फ़जल को पुलिस ने उठा लिया। बाद में उसे मुठभेड़ दिखाते हुए गोली मार कर घायल किया गया। परिजनों का यह भी दावा है कि जिस मुकदमा में उसे आरोपी बताया जा रहा है उसमें फ़जल उर्फ करिया का नाम है। इस मामले में करिया जमानत पर है। आरोपी का साढे चार वर्षीय बालक भी पुलिसिया थ्योरी की पोल खोल रहा है। हालांकि पुलिस का दावा कि पूरी कार्रवाई सही है। अब तो इसकी सच्चाई उच्चस्तरीय जांच से ही सामने आ सकती है।
बता दें कि करीब डेढ़ दशक पहले भी बलिया पुलिस ने रेलवे स्टेशन से विशुनीपुर निवासी नौशाद को उठा लिया और नरही क्षेत्र के चांद नाला के पास मुठभेड़ दिखा गोली मार दी। इस मामले की जांच में नरही समेत तीन थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों व पुलिस अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। अब एक बार फिर नरही थाना के तेतारपुर निवासी फ़जल के पुलिस मुठभेड़ की घटना ने नौशाद प्रकरण की याद ताजा कर दी है। तेतारपुर गांव का हर कोई इस कार्रवाई को गलत बताया है।
