बलिया में करोड़ों की ठगी करने वाले एलयूसीसी के सीएमडी समेत सात पर मुकदमा दर्ज

बलिया में करोड़ों की ठगी करने वाले एलयूसीसी के सीएमडी समेत सात पर मुकदमा दर्ज
एन इंडिया के 13 नवम्बर 2024 के खुलासा के बाद गायब हो गए थे कर्मी, पोर्टल भी हुआ था बंद
बलिया। निवेश पर दोगुना से अधिक मुनाफा देने का झांसा देकर हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाली एलयूसीसी (लोन अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी) के खिलाफ बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की है। पुलिस ने सोसाइटी के सीएमडी समेत सात नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया है।
बकवा निवासी पीड़ित कमइच्छा प्रसाद की तहरीर पर दर्ज किया गया है। पीड़ित के अनुसार यह गिरोह वर्ष 2009 से ही जनपद में सक्रिय था। शुरुआत में एडवांटेज और फिर आप्शन वन इंडस्ट्री लिमिटेड के नाम से लोगों से धन जमा कराया गया। इसके बाद वर्ष 2016 से एलयूसीसी (लोन अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी) के बैनर तले निवेश का नया खेल शुरू किया गया। आरोप है कि जनपद में सिकंदरपुर, बेल्थरारोड, जलालपुर, मनियर, सहतवार, रेवती, बेरुआरबारी, सुखपुरा, तिलौली और बांसडीह सहित कुल 11 स्थानों पर केंद्र खोलकर एजेंटों के माध्यम से करोड़ों रुपये निवेश कराए गए। इतना ही नहीं, कंपनी ने गोरखपुर, आजमगढ़, मीरजापुर, चंदौली, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ समेत अन्य जनपदों में भी अपने कार्यालय खोलकर एजेंट नियुक्त किए थे।
पीड़ितों का आरोप है कि 27 नवंबर 2024 को सुनियोजित तरीके से कंपनी का आनलाइन पोर्टल बंद कर दिया गया और इसके बाद सभी जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी फरार हो गए। निवेशकों को आशंका है कि इस ठगी के मास्टरमाइंड समीर त्यागी अपने साथियों के साथ विदेश भागने की फिराक में है। इसी को देखते हुए पुलिस लुकआउट नोटिस जारी करने की कार्रवाई पर भी विचार कर रही है। पुलिस ने इस मामले में मुंबई निवासी समीर त्यागी, सानिया अग्रवाल, श्रेयस तलपड़े, आरके शेट्टी, संजय मुदगिल, शबाब हुसैन तथा वाराणसी निवासी अजय सिंह चौहान सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक, बांसडीह प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
बता दें कि एलयूसीसी के खिलाफ कई जनपदों में ठगी का मामला सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ और केन्द्रों पर ताला लटक गया। लेकिन जिले में केन्द्र चलते रहे। एन इंडिया ने 13 नवम्बर 2024 को जब इसका खुलासा किया तो आनन फानन में केन्द्र बंद कर पोर्टल को बंद करते हुए कर्मी अंडरग्राउंड हो गए। लेकिन जिम्मेदार मौन साधे रहे।
