बलिया में नरही थाना क्षेत्र से पार हुई लाखों की अंग्रेजी शराब, बिहार पुलिस ने दबोचा
बलिया में नरही थाना क्षेत्र से पार हुई लाखों की अंग्रेजी शराब, बिहार पुलिस ने दबोचा
बलिया। यूपी-बिहार के सीमावर्ती इलाका नरही थाना क्षेत्र पशु व शराब तस्करों के लिए मुफीद बना हुआ है। यह हालात तब हैं जब 16 माह पहले एडीजी वाराणसी जोन व डीआईजी आजमगढ़ ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की थी। इसके बाद भी पुलिस अधीक्षक की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की गई। लेकिन अभी भी पुलिस अपने ढर्रे पर चल रही है और काली कमाई को गंवाना नहीं चाहती। शुक्रवार को भूसा व मुर्गी दाना में छिपा कर पंजाब नंबर की ट्रक से हरियाणा निर्मित 9526 बोतल यानि 3529.83 लीटर महंगी अंग्रेजी शराब भरौली होते गंगा पुल के रास्ते बक्सर बिहार पहुंच गई। हालांकि बक्सर औद्योगिक थाना व उत्पाद विभाग ने इस ट्रक को दबोच लिया और चालक हिरासत में ले लिया। बताया जाता है प्रतिदिन नरही थाना क्षेत्र से शराब व पशु तस्करी को अंजाम दिया जाता है। कार्रवाई से बचने के लिए पुलिस ने वसूली के लिए दलालों को सक्रिय कर दिया है। यह बाइक से बक्सर पहुंच कर पशु तस्करों से वसूली कर लाते हैं। शराब तस्कर तो पहले ही डील करके वाहनों को भेजते हैं।
बता दें कि नरही थाना क्षेत्र वर्षों से पशु और शराब के अलावा अन्य तरह की तस्करी के लिए कुख्यात है। समय-समय पर पुलिस के आला अफसरों की ओर से कार्रवाई भी की जाती है लेकिन इसका कोई असर नहीं हो रहा। करीब चार माह पहले ही कोरंटाडीह चौकी प्रभारी व दो पुलिसकर्मियों को एसपी ओमवीर सिंह शराब तस्करी में संलिप्तता पर कार्रवाई की थी। करीब 16 माह पहले तो एडीजी जोन वाराणसी व डीआईजी आजमगढ़ ने छापेमारी कर नरही पुलिस के रोजाना लाखों की वसूली का खुलासा किया था और इस मामले में एसओ, कोरंटाडीह चौकी इंचार्ज समेत दर्जनभर से अधिक पुलिसकर्मियों को जेल जाना पड़ा था। लेकिन आज भी स्थिति ज्यों का त्यों बना हुआ है। यही कारण है कि शराब की बड़ी खेप आराम से बिहार पहुंचती है और वहां पकड़ी जाती है। सूत्रों की मानें तो पहले की तरह पुलिस ने कई दलालों को सक्रिय कर दिया है जो वसूली का काम करते हैं। कुछ दलाल पर पूरे दिन भरौली चौराहे पर पुलिस कर्मियों के इर्द-गिर्द रहते हैं और सेटिंग का काम करते हैं।
