बलिया के ऐतिहासिक चितबडा़गांव तेलिया पोखरा अतिक्रमण की चपेट में, राजस्व विभाग कर रहा खेल

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बलिया के ऐतिहासिक चितबडा़गांव तेलिया पोखरा अतिक्रमण की चपेट में, राजस्व विभाग कर रहा खेल

बलिया। नगर पंचायत चितबडा़गांव
में तेलिया पोखरे की सीढ़ियों व सहन के चारो तरफ अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। सुन्दरीकरण के लिए मिला शासन द्वारा करोड़ों रुपये नगर पंचायत में डम्प पड़ा है।
राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश में अतिक्रमण साबित होने के बाद भी कच्चे पक्के मकानो को हटाने की कवायद नहीं हुई।
बताया जाता है कि नगर के मध्य में स्थित क्षेत्र की धरोहर तेलिया पोखरे की सीढ़ियों पर कभी बाजार के दिन क्षेत्र के दर्जनों गांवों से आए किसान व व्यापारी स्नान करके खाना पीना किया करते थे। पोखरे से सटे शिव मंदिर पर हर रोज पूजा पाठ भी हुआ करता था। परन्तु आज उन सभी सीढ़ियों व मंदिर के चारों ओर से धीरे धीरे अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किया जा चुका है। सूत्रों की मानें तो शासन द्वारा इस पोखरे व शिव मंदिर के सुंदरीकरण के लिए करोड़ों रुपये प्राप्त हुए हैं। और नगर पंचायत प्रशासन द्वारा हाल ही में पोखरे की जमीन की पैमाइश भी कराई गयी। नगरवासियों के समक्ष राजस्व विभाग के अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को अपना अतिक्रमण हटाने की नोटिस भी दी। नगर पंचायत प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च करके पोखरे का गंदा पानी बाहर भी निकाला गया। लेकिन महीनों बाद भी पोखरे व मंदिर की स्थिति ज्यों की त्यों है।

बलिया। राजस्व विभाग व चितबडा़गांव नगर पंचायत प्रशासन के पेच में ऐतिहासिक तेलिया पोखरे का सुन्दरीकरण फंसा हुआ है।
नगपंचायत प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमणकारियों का नाम राजस्व विभाग अपने अभिलेखों से हटाए तो शासन द्वारा सुंदरीकरण के करोड़ों रुपये खर्च किया जाये।
नगर पंचायत व क्षेत्रीय लोगों ने अनेकों बार राजस्व विभाग व जिलाधिकारी का ध्यान अपने धरने प्रदर्शन के माध्यम किया पैमाइश भी हुई परंतु हर बार अतिक्रमणकारियों से राजस्व विभाग गुप्त समझौता कर पैमाइश रिपोर्ट को ठंडे बस्ते डाल देता है। इस सम्बंध में नगर पंचायत चेयरमैन अमरजीत सिंह का कहना है कि अतिक्रमणकारियों का नाम राजस्व विभाग अपने अभिलेखों से हटाए तो सुंदरीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसी राजस्व विभाग व नगर पंचायत के पेच में ऐतिहासिक तेलिया पोखरे का सुन्दरीकरण बाधित पड़ा है।

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