बलिया के नरही थाना वसूली कांड के मुख्य आरोपी पन्नेलाल को मिली जमानत

बलिया के नरही थाना वसूली कांड के मुख्य आरोपी पन्नेलाल को मिली जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद दिया आदेश
बीते वर्ष 24 जुलाई को एडीजी वाराणसी व तत्कालीन डीआईजी आजमगढ़ ने की थी छापेमारी
एनडी राय
बलिया। चर्चित नरही थाना वसूली कांड के मुख्य आरोपी तत्कालीन थाना प्रभारी पन्ने लाल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब एक वर्ष पहले नरही थाना के भरौली चौराहा पर एडीजी वाराणसी व तत्कालीन डीआईजी आजमगढ़ ने छापेमारी कर कार्रवाई की थी। पन्ने लाल उसी समय से जेल में थे। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मनोज मिश्रा व जस्टिस उज्जल भूयन ने पन्ने लाल की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है।
बता दें कि नरही थाना के चर्चित वसूली केन्द्र यूपी बिहार की सीमा स्थित भरौली चौराहा पर बीते वर्ष 24 जुलाई को एडीजी वाराणसी पीयूष मोर्डिया व तत्कालीन डीआईजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण ने छापेमारी की थी। अधिकारियों ने यह कार्रवाई शराब, पशु तस्करी, लाल बालू तस्करी आदि की शिकायत पर की। मौके से अधिकारियों ने दो पुलिसकर्मी समेत 18 को हिरासत में ले लिया था। छापे में मौके से 50 से अधिक मोबाइल, कई बाईक भी पुलिस ने कब्जे में लिया। नरही थाना में घंटों तक डीआईजी, एसपी, एएसपी मौजूद रहे व कार्रवाई करने मे जुटे रहे। आधिकारियों ने थाना प्रभारी का कमरा सील कर दिया था और पुलिसकर्मियों के बॉक्स को खंगाला था। तत्कालीन डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया था कि छापे मे मौके से 37500 नगद बरामद है। यह भी बताया था कि नरही थाना प्रभारी समेत नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। अवैध वसूली मे संलिप्ततता मे कोरंटाडीह चौकी के प्रभारी समेत चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड किया गया है। अवैध वसूली मे कुल नौ पुलिसकर्मी हैं। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दो सिपाही समेत 18 लोगों का चालान किया गया था। इसके बाद आरोपी नरही थाना प्रभारी समेत कई पुलिस कर्मी और वसूली में सहयोग करने वाले की गिरफ्तारियां हुईं।
