बलिया में गूंजा या हुसैन, मातम के बीच कर्बला में हुई ताजिया की मिट्टी ठंडी

बलिया में गूंजा या हुसैन, मातम के बीच कर्बला में हुई ताजिया की मिट्टी ठंडी
जिले के 620 स्थानों पर निकाला गया जुलूस, सुरक्षा रही चाकचौबंद
बलिया। इमाम हुसैन तथा उनके कुनबे की शहादत की याद में करबला के मैदान में मनाया जाने वाला मोहर्रम को मुस्लिम बंधुओं ने नम आंखों से मनाया। नगर समेत ग्राम्यांचलों में मुस्लिम बंधुओं ने रविवार की देर रात तक ताजिए को कर्बला में दफन किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और जगह-जगह बैरिकेटिंग की व्यवस्था भी की गई थी। वहीं खुफिया तंत्र भी वेश और सादे वेश में चक्रमण करती रही।
मोहर्रम पर्व पर जनपद के 22 थाना अंतर्गत 620 स्थानों पर ताजिया जुलूस निकाला गया। इस दौरान शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों ने एक साथ कर्बला के शहीदों की याद में मातम मनाया और एक साथ कर्बला में दफन किया। इस अवसर पर नगर के विभिन्न मुहल्लों से ताजिया जुलूस निकाला गया। इस दौरान नम आंखों से मुस्लिमाें ने सत्य, न्याय व ईमानदारी के उपासक हुसैन की कुर्बानी की बालाएं ली।परमंदापुर, उमरगंज, बहेरी, जंगेअली मुहल्ला, काजीपुरा, मिश्रनेउरी, विशुनीपुर के मुस्लिम बंधुओं ने हुसैन की याद में आंसू बहाए और जंजीरी मातम मनाया। जुलूस में नौहाख्वानी के अलावा या हुसैन, या हुसैन की आवाज बुलंद की गई। इस दौरान हजाराें की संख्या में मुस्लिम कर्बला की ओर कूच किए। वही सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही। उधर नगर से सटे मिड्ढा गांव में दसवीं के दिन बाजार में तीनों ताजिए एक जगह एकत्र होकर कर्बला के लिए रवाना हुए। जहां गाजे-बाजे के साथ जुलूस आमडारी स्थित कर्बला पहुंचा। कर्बला में मिड्ढा, आमडारी व मलकपुरा के ताजिए का मिलान हुआ। उसके बाद सभी ताजिए दफना दिए गए। इस मौके पर युवकों द्वारा एक से बढ़कर एक करतब दिखाया। बेल्थरारोड कस्बा में मातमी पर्व मोहर्रम इलाके में परंपरागत ढंग से मनाया गया। नगर एवं क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से ताजिया जुलूस निकाले गए। इस दौरान मातमी धुन पर युवाओं ने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। नगर के बिचला पोखरा, बांसपार बहोरवा, पिपरौली बड़ागांव, फरसाटार, मोलनापुर, पड़सरा समेत ग्रामीण क्षेत्रों में ताजिया जुलूस निकाले गए। जुलूस में ढोल-ताशा के बीच मातम मनाया गया। विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर जुलूस देर शाम तक कर्बला पहुंचा, जहां पूरी अकीदत के साथ दफन किया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। नरही थाना क्षेत्र के भरौली, अमांव, उजियार, कोटवा नारायणपुर में इमामबाड़े से ताजिया उठाकर विभिन्न मार्गों से होते हुए जुलूस निकाला गया और करतब दिखाया गया। इसके बाद ताजिए को करबला में दफन किया गया। बैरिया बाजार स्थित त्रिमुहानी पर बैरिया, सोनबरसा, चांदपुर, मिश्र के मठिया आदि गांवों में मुस्लिम बंधुओं ने ताजिया जुलूस निकालकर करबला में दफन किया। सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में मुस्लिम बंधुओ ने गमे मोहर्रम का जुलूस निकाला। इस दौरान या हुसैन, या हुसैन की ऊंची आवाज लगाई। इसके साथ ही नम आंखों से हुसैन की शहादत को याद किया।
