बलिया के नरही थाना क्षेत्र से हो रही पशु तस्करी की खुली पोल

बलिया के नरही थाना क्षेत्र से हो रही पशु तस्करी की खुली पोल
चुरैली गांव के पास पलटा पिकअप, भागे मवेशी, लीपापोती में जुटी पुलिस
बलिया। नरही थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गंगा पुल के रास्ते शराब व गौ तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को कोरन्टाडीह पुलिस द्वारा गोवंश से भरी लगी ट्रक पकड़ा गया जिसमें लदे सभी गोवंश को सरकारी गौशाला सोंहाव में दाखिल किया गया। उधर,
कोरन्टाडीह चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत दुलारपुर के चूरैली के पास गोवंश से भरी पिकअप पलट गया जिसमें लदे सभी गोवंश तितर बितर हो गए। लेकिन ग्रामीणों द्वारा उसे घेर कर कुछ को इकट्ठा किया गया। ग्रामीणों की सूचना पर डायल 112 पुलिस भी मौके पर पहुंची। इससे नरही थाना क्षेत्र से रोजाना हो रही पशु तस्करी की पोल खुल गई हालांकि पुलिस मामले की लिपौती में जुट गए और आनंद फाइनल में 4 वर्षों को पकड़ कर गौशाला में दाखिल करा दिया।
तमाम कवायद के बावजूद नरही थाना क्षेत्र से पशु तस्करी व शराब तस्करी का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। करीब 11 माह पहले एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया व तत्कालीन डीआईजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण की छापेमारी में इसका खुलासा भी हुआ और तत्कालीन थानाध्यक्ष पन्नेलाल आज भी जेल की सलाखों में है। लेकिन उनके बाद जो भी थानाध्यक्ष आये यह धंधा फलता फूलता रहा और अधिकारियों ने इसकी सुध नहीं ली। यही नहीं कुछ माह पहले नरही थाने के प्रभारी बने नदीम फरीदी के आने के बाद पशु तस्करी व शराब तस्करी के साथ ही थाना क्षेत्र में चप्पे चप्पे पर गांजा की दुकानें सज गैं हैं। इससे लाखों रुपए प्रतिमाह की वसूली थाने के एक कारखास सिपाही की ओर से की जाती है। इसमें चार चांद तब और लग गया जब इसी बीच पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कोरंटाडीह चौकी पर गणेश पांडे की रिपोस्टिंग कर दी। यह वही एसआई हैं जो कोरोना काल में शराब तस्करों की नाव पर उनकी मौजूदगी थी। इसका वीडियो वायरल हुआ लेकिन इसे तैनाती के समय नजर अंदाज कर दिया गया। गणेश पांडे के आने के बाद कोरंटाडीह चौकी क्षेत्र पशु तस्करी व शराब तस्करी का हब बन चुका है।
बता दें कि पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह जब गाजीपुर जिले में तैनात थे उस समय कोरंटाडीह चौकी व भांवरकोल थाने के बीच अक्सर इंजन चालित नाम से पशु तस्करी का वीडियो वायरल होता रहा। लेकिन बलिया व गाजीपुर की पुलिस एक दूसरे का क्षेत्र बता कर मामले पर पर्दा डालती रही और यह धंधा चलता रहा। सूत्रों की माने तो गणेश पांडे के आने के बाद यह धंधा एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है।
