बलिया में निजी स्कूल के पास शिक्षक पर गिरा एचटी तार, मौत, बड़ा हादसा बचा

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बलिया में निजी स्कूल के पास शिक्षक पर गिरा एचटी तार, मौत, बड़ा हादसा बचा

10 घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचा बिजली निगम का कोई अफसर

महज कुछ मिनट पहले ही निकल चुके थे बच्चे

बलिया। नरही थाना क्षेत्र के भरौली गांव स्थित एक निजी विद्यालय के पास गुजर रहे बिजली का एचटी तार टूट कर गिर पड़ा। इसकी चपेट में आने से स्कूल से बाईक लेकर निकल रहे एक शिक्षक की झुलस कर मौके पर ही मौत हो गई। शिक्षक छुट्टी के बाद बच्चों को भेजने के बाद निकल रहे थे।
भरौली चौराहा से करीब 300 मीटर दूर रामगढ़ मार्ग पर एक निजी स्कूल स्थित है। मंगलवार को अपराह्न दो बजे विद्यालय की छुट्टी होने के बाद सभी कर्मी बच्चों को बस और अन्य साधनों से घर भेज रहे थे। सभी बच्चों को भेजने के बाद बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के अमरौली निवासी मनीष कुमार सिंह 50 भी अपनी बाइक पर बैठकर उसे चालू कर ही रहे थे कि उपर से गुजर रहा हाईटेंशन तार अचानक टूट कर उनके उपर गिर पड़ा। पास में खड़े विद्यालय के बचे खुचे सदस्य दौड़ कर कंबल लेकर आए और उनके उपर फेंक कर बचाने का प्रयास किया, किसी ने पावर हाउस से लाईन कटवाया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के तुरंत बाद नरहीं पुलिस मौके पर पहुंची और प्रधानाध्यापक के साथ मनीष को लेकर सदर अस्पताल बलिया ले गए लेकिन वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।
बताया जाता है कि जहां से तार टूट कर गिरा उस पोल पर जंफर था। वहां अक्सर जंफर टूटता था। कुछ दिन पहले भी यह तार टूटा था संयोग से उस समय रात का वक्त था और कोई घटना नहीं हुई। आज भी अगर सिर्फ 10 मिनट पहले तार टूट गया होता तो बहुत बड़ी दुर्घटना हो जाती क्योंकि विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं सहित परिजन और पूरा विद्यालय परिवार ही उस तार के नीचे खड़ा था। हैरानी की बात रही कि अपनी कारस्तानी के लिए चर्चित बिजली निगम का कोई भी अधिकारी या लाइनमैन घटना के 10 घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे। बसंतपुर विद्युत सब स्टेशन से घटना के बाद से ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी है जो 10 घंटे बाद भी शुरू नहीं की गई है। ग्रामीणों की मानें तो क्षेत्र में कई जगह इस तरह की स्थिति है लेकिन शिकायत के बाद भी जेई से लेकर अन्य अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।
बता दें कि कुछ दिनों पहले बिजली निगम की लापरवाही से दो छात्राओं की मौत हो गई थी। इस मामले में बिजली कर्मियों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ है लेकिन इसके बावजूद बिजली कर्मियों का रवैया नहीं बदल रहा है।

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