बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र का इलाका भी गोरखपुर के पिपराईच से कम नहीं

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बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र का इलाका भी गोरखपुर के पिपराईच से कम नहीं

पशु व शराब तस्कर कई बार लोगों पर कर चुके हैं अटैक

रात के अंधेरे में गंगा के तटवर्ती इलाकों से बड़े पैमाने पर होती है शराब और पशु तस्करी

देखने के बावजूद लोग मुंह खोलने से डरते हैं, पुलिस भी इन्हें प्रताड़ित करती है

एनडी राय
बलिया। यूपी के गोरखपुर जिले के पिपराइच में पशु तस्करों की ओर से छात्र की हत्या को लेकर तमाम तरह कयास लगने लगे हैं। वास्तव में पशु और शराब तस्करों के हौसले काफी बुलंद है। बताया जाता है कि इनके पीछे कहीं ना कहीं ‘खाकी’ का हाथ होता है। नरही थाना क्षेत्र का इलाका भी वर्षों से पशु और शराब तस्करी के लिए कुख्यात है। यहां भी कमोबेश पिपराइच वाली ही स्थिति बनी हुई है। पहले भी कई बार पशु और शराब तस्कर मुंह खोलने वाले के साथ घटना को अंजाम दे चुके हैं। कोरंटाडीह क्षेत्र के नहर मार्ग समेत गंगा किनारे कोटअंजोर पुर तक कई गांवों के सामने गंगा के रास्ते शराब और पशु तस्करी की जाती है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी पुलिस को नहीं रहती। यही कारण है कि लोग जानते हुए भी चुप रहते हैं। बीते वर्षों में जिसने भी मुंह खोला उसे तस्करों ने निशाना बनाया। यही नहीं पुलिस भी मुंह खोलने वालों को सबक सिखाने का काम करती है। बीते एक सप्ताह में पुलिस ने बड़ी संख्या में पशुओं को पकड़ा लेकिन अधिकांश तस्कर भाग निकले। हालांकि एसपी ने कुछ दिनों पहले ही नये एसओ को तैनात किया है लेकिन अभी भी कोई खास असर इन धंधेबाजों पर नहीं पड़ा है।

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