बलिया में टोंस नदी पर पुल बना भूल गए एप्रोच बनाना, डीएम को सौंपा ज्ञापन
बलिया में टोंस नदी पर पुल बना भूल गए एप्रोच बनाना, डीएम को सौंपा ज्ञापन
बलिया। चितबड़ागांव स्थित टोंस नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से बनी पुलिया का एप्रोच मार्ग नहीं बनने से आवागमन बाधित है। किसानों की खेती प्रभावित होने के साथ दर्जनों गांवों का सम्पर्क टूटा हुआ है।
नदी के उस पार से आने वाले स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है
क्षेत्र वासियों ने राजू उर्फ डब्बू के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
बताया जाता है कि नगर के उत्तरी छोर पर बह रही टोंस नदी पर दो वर्ष पहले सेतु निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से पुल एवं एक तरफ का एप्रोच मार्ग का भी निर्माण करा दिया गया। बरसात के दिनों को छोड़ कर बाकी दिनों के लिए पुल के पास पीपे की पुल रहा करती थी। क्षेत्र के लोगों की मांग पर तत्कालीन मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने तत्कालीन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से घोषणा कराने के उपरांत सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण भी हुआ। इस पुल का एप्रोच मार्ग नहीं बनने से बहादुरपुर, गोपवां, जगदीशपुर चिलकहर, औदी, पियरिया आदि दर्जनों गांवों के लोगों को चितबडा़गाव आने के लिए 20 किलोमीटर की दूरी तय करके फेफना या मटीही होकर आना पड़ता है। वैकल्पिक जोखिम भरी व्यवस्था से नगर के किसानों ने बांस की सीढ़ी बनाकर उस पार खेतों से पशुओ का हरा चारा या खेतों में लगी हुई फसलों की निगरानी के लिए आया जाया करते हैं। ऐसे दुर्दशा से तंग आकर क्षेत्र के लोगों ने समाज सेवी राजू उर्फ डब्बू सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप एक सप्ताह में पुल का एप्रोच बनवाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में एप्रोच नहीं बना तो धरना प्रदर्शन अनशन भी किया जाएगा।
