बलिया के नरही थाना क्षेत्र में पशु तस्करी की पोल खुलने के बाद भी आला अफसर मौन क्यों?

बलिया के नरही थाना क्षेत्र में पशु तस्करी की पोल खुलने के बाद भी आला अफसर मौन क्यों?
एक दिन पहले चुरैली गांव के पास पलटा था पिकअप, भागे थे मवेशी
थाने के रोजाना लाखों की आमदनी के कितने हिस्सेदार?
बलिया। नरही थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गंगा पुल के रास्ते शराब व गौ तस्करी बदस्तूर जारी है। बुधवार को
कोरन्टाडीह चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत दुलारपुर के चूरैली के पास गोवंश से भरी पिकअप पलट गया जिसमें लदे सभी गोवंश तितर बितर हो गए। लेकिन ग्रामीणों द्वारा उसे घेर कर कुछ को इकट्ठा किया गया। लेकिन इस मामले में आला अफसर पूरी तरह मौन हैं। थाने के रोजाना लाखों की अवैध वसूली में आखिर कितने हिस्सेदार हैं?
बता दें कि लाख प्रयास के बावजूद नरही थाना क्षेत्र से पशु तस्करी व शराब तस्करी का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। करीब 11 माह पहले एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया व तत्कालीन डीआईजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण की छापेमारी में इसका खुलासा भी हुआ और तत्कालीन थानाध्यक्ष पन्नेलाल आज भी जेल की सलाखों में है। लेकिन उनके बाद जो भी थानाध्यक्ष आये यह धंधा फलता फूलता रहा और अधिकारियों ने इसकी सुध नहीं ली। यही नहीं कुछ माह पहले नरही थाने के प्रभारी बने नदीम फरीदी के आने के बाद पशु तस्करी व शराब तस्करी के साथ ही थाना क्षेत्र में चप्पे चप्पे पर गांजा की दुकानें सज गैं हैं। इससे लाखों रुपए प्रतिमाह की वसूली थाने के एक कारखास सिपाही की ओर से की जाती है। इसमें चार चांद तब और लग गया जब पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कोरंटाडीह चौकी पर गणेश पांडे की रिपोस्टिंग कर दी। यह वही एसआई हैं जो कोरोना काल में शराब तस्करों की नाव पर उनकी मौजूदगी थी। इसका वीडियो वायरल हुआ लेकिन इसे तैनाती के समय नजर अंदाज कर दिया गया। बुधवार को गोवंश लदा पिकअप पलट गया तो पशु तस्करी की पोल ही खुल गई। बताया जाता है कि वीडीयो वायरल होने बाद भी इस मामले को लेकर पुलिस के आला अफसर की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों की मानें तो नरही थाने के एक कारखास बिना वर्दी के ही भरौली चौराहा पर रोजाना वसूली करता है। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि थाने की रोज की कमाई लाखों में है। पुलिस बिना मजबूत संरक्षण के यह काम नहीं सकती। तो यह भी सवाल खड़ा होता है कि लाखों की कमाई के कितने हिस्सेदार हैं? वसूली का हिस्सा कहां कहां पहुंचता है?
