बलिया में फिर आंगनबाड़ी में फर्जी दस्तावेज पर नियुक्ति का खुलासा, नियुक्ति निरस्त, एफआईआर का निर्देश

बलिया में फिर आंगनबाड़ी में फर्जी दस्तावेज पर नियुक्ति का खुलासा, नियुक्ति निरस्त, एफआईआर का निर्देश
लेखपाल पर भी होगी प्रशासनिक व विभागीय कार्रवाई
बलिया। जिले में एक बार फिर फर्जी बीएपीएल दस्तावेज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति काआ खुलासा हुआ है। बेलहरी बाल विकास परियोजना के दो आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियुक्ति रद्द होने के बाद अब बाल विकास परियोजना नगरा में भी फर्जी बीपीएल प्रमाण पत्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति को निरस्त किया गया है। जांच के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने आवेदिका पर मुकदमा दर्ज कराने व इस मामले में संलिप्त लेखपाल के खिलाफ प्रशासनिक व विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है।
बाल विकास परियोजना नगरा के जहांगीरपुरा वार्ड संख्या-3 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति में आवेदन करते समय फर्जी बीपीएल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। डीएम ने इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश तहसीलदार एवं उपजिलाधिकारी रसड़ा को निर्देश दिया था। राजस्व विभाग के अधिकारियों की जांच में सामने आया कि बीते सात जनवरी को तथ्यों को छिपाकर आय प्रमाण पत्र बनवाया गया। जांच में यह भी पुष्टि हुई इस कार्य में आवेदिका के साथ ही लेखपाल की भी भूमिका रही। इसके बाद इसी के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर नगरा के जहांगीरपुरा वार्ड संख्या-3 निवासिनी जयश्री पत्नी राजीव मोहन यादव ने आवेदन किया और बीपीएल में होने के कारण चयन भी हो गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति को निरस्त कर दिया है। उन्होंने सीडीपीओ नगरा को आवेदिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा है। इसके साथ ही एसडीएम रसड़ा को संबंधित लेखपाल के खिलाफ प्रशासनिक व विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
