बलिया में किशोरी के अपरण व दुष्कर्म के दोषी को वर्ष कारावास, 20 हजार अर्थदंड
बलिया में किशोरी के अपरण व दुष्कर्म के दोषी को वर्ष कारावास, 20 हजार अर्थदंड
बलिया। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 08 बलिया/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायाधीश प्रथम कांत की अदालत ने नाबालिक लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए अभियुक्त दिनेश गोंड को 10वर्ष के सश्रम करवास व 20 हजार रुपए के अर्थ दण्ड से दंडित किया। मामला यह है कि वादी मुकदमा ने दिनांक 12/6/17को थाना बांसडीह रोड जिला बलिया पर आवेदन दिया था कि दिनांक 24 अप्रैल 2017 को समय करीब 5:30 बजे शाम को हम लोग खेत में मजदूरी करने गए थे तभी मेरी लड़की उम्र 15 वर्ष जो घर पर अकेली थी उसे दिनेश पुत्र हरे राम मेरी लड़की को बहला फुसलाकर गहाना मूल्य करीब 36 हजार रुपए तथा नगद ₹20000 लेकर चला गया। घर आने के तुरंत बाद पता चला तो अपने मोबाइल से 100 नंबर डायल किया। प्रार्थी की लड़की को भगाने की साजिश में हरे राम और बूटन पुत्र शिवनाथ और बूटन का दामाद भी शामिल था
। दिनांक 29 अप्रैल 2017 को मुकदमा दर्ज हुआ था। उक्त मामले में दौरान विवेचना मजिस्ट्रेट साहब के सामने कराना था कि दिनांक 12/5/17 को 10 बजे दिन में उपरोक्त हरे राम, बूटान, दिनेश ,मल्लू , फुसलाकर मेरी लड़की को पुनः भगा ले गए ताकि लड़की का बयान मजिस्ट्रेट के सामने ना हो सके । । उक्त मामले का मुकदमा थाना बांसडीह रोड पर दर्ज हुआ। जिसमें विवेचक आरोप पत्र न्यायालय में अभियुक्त गण दिनेश ,हरे राम, बूटन पर न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुकदमे का विचारन प्रारंभ किया ।दौरान विचारण न्यायालय ने अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों का समयक अवलोकन एवम परिशिलन करने के पश्चात अभियोजन की तरफ से विमल कुमार राय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट व बचाव पक्ष की तरफ से मारकंडेय सिंह, सत्येंद्र सिंह अधिवक्ता की बहस सुनने के उपरांत न्यायालय ने अभियुक्त दिनेश पुत्र हरे राम निवासि गुठवली थाना बांसडीह रोड पर आरोप साबित पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम करवास एवं ₹20000रु के अर्थ दंड से दंडित किया और अर्थ दण्ड अदा न करने पर अभियुक्त को 6माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दो अभियुक्त को साक्ष्य सबूत के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया।
