बलिया के जिला प्रोबेशन अधिकारी पर हो सकती है कार्रवाई, शासन के पाले में गेंद
बलिया के जिला प्रोबेशन अधिकारी पर हो सकती है कार्रवाई, शासन के पाले में गेंद
– एडीएम व सीडीओ की जांच शासन को भेजी गई
– सामानों की आपूर्ति के भुगतान में कमीशन मांगने का आरोप, जनरेटर खरीद में भी धांधली का मामला
बलिया। जिले के प्रोबेशन विभाग में अभी जनरेटर खरीद में भ्रष्टाचार का मामला चल ही रहा था कि दूसरा भ्रष्टाचार का भी मामला सामने आ गया। हालांकि दोनों मामलों की जांच हो चुकी है। एक की जांच सीडीओ की कमेटी व दूसरी जांच एडीएम की कमेटी ने की है। दोनों मामले में जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। शासन स्तर से कभी भी कार्रवाई हो सकती है।
बताया जाता है कि जिला प्रोबेशन के कार्यालयों व राजकीय बालगृह (बालिका) निधरिया में सामानों की आपूर्ति करने वाले फर्म संचालक शहर से सटे तिखमपुर निवासी गंगेश प्रताप ने भुगतान के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी पर कमीशन मांगने समेत कई आरोप लगाए थे। गंगेश ने शिकायत व वीडियो को करीब एक वर्ष पहले महिला कल्याण विभाग के निदेशक को भेजी थी। निदेशक संदीप कौर के निर्देश पर जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने तत्कालीन एडीएम डीपी सिंह को जांच कर रिपोर्ट मांगी। गंगेश प्रताप ने शिकायत में बताया था कि मैं सरकारी फर्म उप्रउससंलि व अपने निजी फर्म द्वारा महिला कल्याण विभाग जनपद-बलिया के अन्तर्गत सभी कार्यालयों एवं राजकीय बालगृह (बालिका) निधरिया, बलिया एवं जो भी जिला प्रोबेशन अधिकारी के अन्य कार्यालयों में आपूर्ति का कार्य विगत कई वर्षों से करते आ रहे हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी की तैनाती माह अगस्त 2021 में होने के बाद से ही इनके द्वारा हमें ब्लैकमेल कर धन उगाही का कार्यक्रम प्रारम्भ कर दिया गया। कमीशन व अन्य मांगों को पूरा न कर पाने की स्थिति में उनके द्वारा हमें कार्य से हटाने तथा हमारे बिलों के भुगतान को रोकने की धमकी दी जाती रही है। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा बिलों के सापेक्ष हमसे 20 से 25 फीसदी तक की कमीशन की मांग की जाती है। अबतक कुल 12.29 लाख के घरेलू सामान, नगद एवं खाते में 45 हजार रुपये लिया जा चुका है। उनके द्वारा कार्य से निकालने एवं बिलों के भुगतान रोकने का दबाव बनाकर हमसे सादे स्टाम्प पेपर पर दस्तखत भी करा लिया। 12.29 लाख के वापसी की मांग करने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा आपूर्ति करने का कार्य माह मई 2023 से बन्द कर दी गयी तथा नये आपूर्तिकर्ता जो उनके कहीं दूर के रिश्तेदार के फर्म मे. झम्मन ट्रेडर्स के माध्यम से आपूर्ति लेना प्रारम्भ कर दिया ग। उनकी ओर से धमकी दी गई कि अगर मेरे खिलाफ कहीं भी शिकायत करोगे तो तुम्हारे सभी बिलों को फंसा
कर ऐसा कर दूंगा कि कभी भी उनका भुगतान नहीं हो पायेगा और तुम्हारी फर्म ब्लैक लिस्टेड हो जायेगी। बतौर साक्ष्य वीडियो भी उपलब्ध करा हूं। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाए। इसकी जांच एडीएम ने डीएम को सौंपी जो शासन को भेजी गई है।
उधर, प्रोबेशन विभाग में जनरेटर खरीद में लाखों के घोटाला का आरोप था। डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया। एसटीओ ने इस मामले की टेक्निकल जांच बिजली निगम के सहायक अभियंता से कराई और पूरी रिपोर्ट सीडीओ को दी। एसटीओ की जांच रिपोर्ट को सीडीओ की ओर से जिलाधिकारी को भेजी गई जहां से रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। आरोप है कि जेम पोर्टल पर एक कम्प्यूटर फर्म से 10 केवीए स्वराज कम्पनी की जनरेटर 1.78 लाख में खरीद की गई है। जबकि बाजारों में इसकी कीमत 91 से 95 हजार है।
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सीडीओ ओजस्वी राज ने कहा कि प्रोबेशन विभाग में जनरेटर खरीद में धांधली के बाबत शिकायत की जांच कराई गई। एसटीओ की जांच रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है।
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एडीएम अनिल कुमार बताते हैं कि प्रोबेशन विभाग में कमीशन मांगने आदि की शिकायत मेरे कार्यकाल के पहले का मामला है। इसकी जांच पूरी हो चुकी है और उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन को कार्रवाई के भेजा जा चुका है।
