बिहार के भाइयों ने फर्जी एडीआरएम व एसई बन की 19.4 लाख की धोखाधड़ी, बलिया बुला धमकाया, केस दर्ज

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बिहार के भाइयों ने फर्जी एडीआरएम व एसई बन की 19.4 लाख की धोखाधड़ी, बलिया बुला धमकाया, केस दर्ज

बलिया। प्रयागराज में एडीआरएम तो वाराणसी में सीनियर सेक्शन इंजीनियर बनकर नौकरी और ठेका के नाम 9.75 लाख की धोखाधड़ी कर ली। ठगी के शिकार लोगों ने जब पैसा वापस करने का दबाव बनाया तो दोनों लोगो को पैसा वापस करने के लिये बलिया बुलाया और धमकी देने लगा। धोखाधड़ी के शिकार दोनो लोगों ने बलिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। धोखाधड़ी के शिकार थाना सिगरा वाराणसी कमिश्नरेट में उप निरीक्षक भी हैं।
कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर उप निरीक्षक इन्द्रकात मिश्रा ने बताया कि पूर्व में थाना कैंट कमिश्नरेट वाराणसी में वरिष्ठ उप निरीक्षक के पद पर नियुक्त रहा है। थाना कैंट में नियुक्ति के दौरान कैंट रेलवे स्टेशन पर मेरी मुलाकात राजीव रंजन मिश्र नामक व्यक्ति से हुई। उसने बताया कि उनकी नियुक्ति सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर मुगलसराय में है। वाराणसी में कोई आवास रहने के लिए खोज रहा हूं। कुछ दिनों बाद मुझे सरकारी बंगला मिल जाएगा मैं उसमें चला जाऊंगा। कुछ दिनों के लिए मैंने अपने यहां आवास दे दिया। इसी दौरान राजीव रंजन ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर मुझे ले जाकर अपने भाई आशुतोष कुमार मिश्रा से मुलाकात कराया और बताया कि यह लोको पायलट हैं। राजीव रंजन ने कई बार रेलवे स्टेशन का टिकट भी कंफर्म कराया। राजीव रंजन मिश्रा ने मुझे वरिष्ठ अनुभव अभियंता होने के संबंध में अपना रेलवे का आई कार्ड भी दिखाया, जिस पर भारतीय रेल मंत्रालय ईस्ट सेंट्रल रेलवे, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, मुगलसराय डिविजन एसएससी 220890 आर अंकित था। उस कार्ड पर पदनाम सीनियर सेक्शन इंजीनियर भी अंकित था। इस प्रकार उसने और उसके भाई ने पूर्णतया मुझे अपने गिरफ्त में ले लिया। वह मेरे घर भी गया। मेरे घर में कई लड़के बेरोजगार हैं। मेरा खुद का भी लड़का बेरोजगार है। राजीव रंजन ने कहा कि अपने भाई से बात करके रेलवे में सेटिंग करा देंगे और नौकरी लग जाएगी। कुछ ही दिनों बाद राजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि रेलवे में वैकेन्सी आई है। कुछ पैसा लगेगा आप दे दीजिए बाकी पैसा लगा देंगे जिसे आपका लड़का नौकरी करके मेरा पैसा लौटा देगा। उसने दस लाख रुपए की आवश्यकता बतायी। कहा कि नियुक्ति का कंफर्मेशन लेटर मिल जाएगा। मैं अपने रिश्तेदार दिल्ली निवासी अशोक कुमार शुक्ला से 9 दिसंबर 2021 को राजीव रंजन मिश्रा को पैसा दिलाया। कुछ दिनों बाद राजीव रंजन मिश्रा ने मुझसे मेरे पुत्र की नौकरी के लिए 3.7.2023 को अपने खाता से एक लाख पच्चीस हजार रुपये एवं मेरे दूसरे खाता से 6 लाख 65 हजार रूपये छल करके ले लिया। कुछ दिनों बाद राजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि मेरा स्थानांतरण हो गया है और अचानक गायब हो गया। फोन करने पर नियुक्ति पत्र एवं पैसा मांगने पर उल्टा सीधा जवाब देने लगा और मेरा फोन उठाना बंद कर दिया। उसके भाई आशुतोष कुमार मिश्रा से बात किया तो उसके द्वारा भी टाल मटोल किया जाने लगा। पता चला कि राजीव रंजन मिश्रा रेलवे विभाग में नौकरी नहीं करता है। बल्कि यह अपने भाई के साथ मिलकर रेलवे में नियुक्ति कराने के नाम पर फ्राड गिरोह चलाकर लोगों से पैसा हड़प रहा है। पता करने पर उसका नाम राजीव रंजन मिश्रा पुत्र अंगद प्रसाद मिश्रा निवासी ग्राम कपासिया थाना कोचस जनपद रोहतास राज्य बिहार है। अपना पैसा मांगने लगा तो वह पैसा देने के लिये 13.10.2024 को बलिया में शाम के चार बजे बेयासी पुल के पास बुलाया। जब वहां पहुंचा तो वह धमकी देने लगा।
इसी से जुड़ी दूसरी घटना प्रयागराज की है। प्रयागराज जिले के बहरिया थाना क्षेत्र के ग्राम सारंगपुर निवासी प्रभाकर तिवारी पुत्र स्व जगदीश नारायण के साथ भी कुछ इसी तरह तरह की जालसाजी हुई है। बलिया कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर प्रभाकर तिवारी ने बताया है कि मेरी रिश्तेदारी में एक शादी समारोह के दौरान राजीव रंजन मिश्रा पुत्र अंगद प्रसाद मिश्रा निवासी ग्राम कपसिया थाना कोचस जनपद रोहतास बिहार मिला और उसने मेरा नम्बर लेकर बातचीत करता रहा। उसने अपने को एडीआरएम मुगलसराय बताया और अपने भाई आशुतोष कुमार मिश्रा को रेलवे में रेल ड्राइवर बताया करता था। दिसम्बर 2023 में राजीव रंजन मिश्रा और उसका भाई आशुतोष मुझसे बात किए और बोले कि 1.5 लाख रुपये खर्च करिए तो आपको रेलवे में स्क्रैप का ठेका दिलवा देंगे। दोनों के फरेब को नहीं समझ सका और राजीव रंजन मिश्रा के खाते में 26 दिसम्बर 2023 को 1.5 लाख रुपये भुगतान कर दिया। वह मेरी गाड़ी इनोवा क्रिष्टा को भी रेलवे में लगवाने को कहकर तीन महीने तक अपने पास रखा रहा। जब हमें पता चला कि दोनो मेरे साथ फ्राड किए हैं और जो आईडी दिखाया है वह फर्जी है तो मैं अपना पैसा मांगने लगा तो आज कल करता रहा। 12/10/2024 की शाम को बलिया ओवरब्रिज के पास बुलाया। मैं शाम को 7 बजे उसके बताए स्थान बलिया ओवरब्रिज आया। कुछ देर इधर उधर की बात करता रहा और मेरा कालर पकड़ कर भाग जानेे और नहीं तो गायब करा देने की धमकी दी। प्रभाकर तिवारी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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