बलिया के सदर तहसीलदार कोर्ट में भ्र्ष्टाचार के खिलाफ 10 दिनों बाद धरना का अल्टीमेटम

बलिया के सदर तहसीलदार कोर्ट में भ्र्ष्टाचार के खिलाफ 10 दिनों बाद धरना का अल्टीमेटम
गड़हा विकास मंच के अध्यक्ष ने डीएम को सौंपा पत्रक
बलिया। जिले के राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। सदर तहसीलदार कोर्ट से तो वादकारियों की पत्रवालियां ही गायब कर दी जा रही हैं। कई वादकारी तो महीनों से उच्चाधिकारियों व तहसील का चक्कर काट रहे हैं।
नरही थाना क्षेत्र के भरौली गांव निवासी ओमप्रकाश राय बीते छह माह से तहसीलदार कोर्ट में चल रहे मुकदमे की पत्रवालियां खोज रहे हैं। अलग अलग मौजे की कुल 10 पत्रवालियां गायब हैं और इस बाबत कई बार डीएम से लेकर एसडीएम से गुहार लगा चुके हैं लेकिन फाइलें नहीं मिल रहीं। एक सप्ताह पहले ओमप्रकाश ने एक बार फिर एक अगस्त को डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि वर्ष 2021 से चल रहे विभिन्न मौजे की 10 फाइलों को गायब कर दिया गया है। इसमें मौजा बघौना खुर्द, गोविन्दपुर खास, भरौली खास, चतुर्भुजतरी गंगबरार, मोहिदीनपुर मु० भरौली, बिजौरा खास, गोविन्दपुर गंगबरार, पिण्डारी, भरौली गंगबरार व चतुर्भुजतरी खास से संबंधित हैं। बुधवार को अहलमद ने लिख कर दे दिया कि उन्हें प्रभार में यह फाइलें नहीं मिली हैं। सदर तहसीलदार कोर्ट में भ्रष्टाचार को लेकर गड़हा विकास मंच के अध्यक्ष चंद्रमणि राय ने डीएम को पत्रक देकर कार्रवाई की मांग की है। यह भी बताया है कि गायब हुई फाइलें 10 दिनों मे नहीं मिलने पर वह सदर तहसीलदार कोर्ट के सामने अनिश्चित कालीन धरना देंगे।
