बलिया में सीडीओ ने दो ब्लाकों के सभी रोजगार सेवकों का मानदेय रोका, वीबी जीरामजी का टारगेट पूरा नहीं
बलिया में सीडीओ ने दो ब्लाकों के सभी रोजगार सेवकों का मानदेय रोका, वीबी जीरामजी का टारगेट पूरा नहींबलिया। जिले में वीबी जीरामजी योजना के तहत निर्धारित मानव दिवस सृजन का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर सीडीओ आलोक कुमार ने दो ब्लाकों के सभी रोजगार सेवकों के सितंबर महीने का मानदेय रोक दिया है। चेताया है कि लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत मानव दिवस का सृजन कराना सुनिश्चित करें अन्यथा की स्थिति में आपके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही हेतु संक्षम स्तर पर संसूचित कर दिया जायेगा।सीडीओ ने हनुमानगंज व दुबहड़ ब्लॉक को जारी पत्र में उल्लेख किया है कि वीबी-जीरामजी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक श्रमिकों को ग्राम पंचायत में ही 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराना है जिससे कि ग्राम पंचायत से श्रमिकों का पलायन कम किया जा सके। इसके लिए ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक मानव दिवस सृजन कर श्रमिक को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। शासन द्वारा प्रत्येक विकास खण्ड को माहवार मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जनपद में वर्ष 2026-27 हेतु माह सितम्बर 2026 तक का कुल 1400831 मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष मात्र 232814 ही मानव दिवस का सृजन किया गया है जो 16.62 प्रतिशत है। बीते 12 सितम्बर को अपडेट रिपोर्ट के दुबहड़ ब्लॉक के लिए माह सितम्बर 2026 तक मानव दिवस का लक्ष्य 57118 के सापेक्ष महज 1314 सृजित मानव दिवस है जो दो प्रतिशत है। इसी तरह हनुमानगंज ब्लॉक के टारगेट52748 मानव दिवस के सापेक्ष 1281 मानव दिवस सृजित है जो दो प्रतिशत है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि आप लोगो द्वारा योजना के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरती जा रही है तथा अपने पदीय दायित्वों का निवर्हन पूर्ण मनोवेग से नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण विकास खण्ड में योजना की प्रगति खराब हुई है। जिससे जनपद की प्रगति प्रभावित हुई है और राज्य मुख्यालय स्तर से आयुक्त महोदय, ग्राम्य विकास द्वारा काफी रोष प्रकट किया जा रहा है। उक्त के क्रम में आप लोगो का माह सितम्बर 2026 का वेतन/मानदेय भुगतान अग्रिम आदेश तक अवरूद्ध करते हुए निर्देशित किया जाता है कि तत्काल विकास खण्ड के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत मानव दिवस का सृजन कराना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में आपके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही हेतु संक्षम स्तर पर संसूचित कर दिया जायेगा।उधर, रोजगार सेवकों का कहना है कि उनका मानदेय मार्च माह से बकाया है। छह माह से बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। इसके चलते उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा।
