बलिया में यूपी बिहार बॉर्डर पर लाल बालू के काला खेल का आरोप
बलिया में यूपी बिहार बॉर्डर पर लाल बालू के काला खेल का आरोपडीआईजी वाराणसी कार्यालय में नरही थाना के दो सिपाही समेत छह लोग हुए पेशएडीजी वाराणसी के निर्देश पर डीआईजी वाराणसी कर रहे जांचपेश हुए दोनों सिपाही को बताया जाता है थाने का कारखास, सभी तरह की सेटिंग में हैं माहिरदो वर्ष पहले जिसने छापा मार किया था अवैध वसूली का खुलासा, उनके पास ही पहुंचा मामलाबलिया। जिले का नरही थाना एक बार चर्चा में आया है। थाने के चर्चित दो सिपाही व चार लोगों के खिलाफ एडीजी वाराणसी से शिकायत की गई है। एडीजी ने मामले की जांच डीआईजी वाराणसी को सौंपी है। डीआईजी ने नरही थाने के दो सिपाही व अन्य चार लोगों को नोटिस भेज बयान दर्ज कराने के लिए कार्यालय में तलब किया था। बताया जाता है कि दोनों सिपाही थाने के कारखास हैं जो कभी वर्दी तो कभी बिना वर्दी के भरौली चौराहा पर मौजूद रहते हैं। सूत्रों की मानें तो यही दोनों सिपाही हर तरह की डीलिंग करते हैं। हालांकि शिकायत में क्या है, यह सामने नहीं आ सका है लेकिन अन्य चार लोग लाल बालू के कारोबार से जुड़े हैं जिससे कयास लगाया जा रहा है कि लाल बालू के काला खेल का ही मामला है। बता दें कि दो वर्ष पहले एडीजी जोन वाराणसी पीयूस मोर्डिया व डीआईजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण ने छापेमारी कर अवैध वसूली का खुलासा किया था। उस समय तत्कालीन एसओ, चौकी इंचार्ज समेत कईयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और कई सस्पेंड हुए थे। आरोपी पुलिसकर्मियों के साथ कई दलालों को जेल भी जाना पड़ा था। अब एक बार फिर मामला गरमाया है और जांच भी छापेमारी करने वाले अफसर के पास ही पहुंचा है। एसओ नरही हरिशंकर सिंह ने दोनों सिपाहियों के वाराणसी जाने की पुष्टि की है।
