बलिया में संपूर्ण समाधान दिवस बना तमाशा, हर बार एक ही निर्देश, फिर भी अफसर लापरवाह

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बलिया में संपूर्ण समाधान दिवस बना तमाशा, हर बार एक ही निर्देश, फिर भी अफसर लापरवाह

किसी भी समाधान दिवस पर 20 फीसदी शिकायतों का नहीं हो सका निस्तारण

हर दिवस पर भूमि विवाद, अवैध कब्जा, नाली निकास, वरासत, बैनामा, अंश निर्धारण आदि की शिकायतें होती हैं अधिक

बलिया। शासन के निर्देश पर आमलोगों की शिकायतों के समाधान के लिए हर महीने दो बार तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन होता है। इसके अलावा हर महीने दो बार थानों पर थाना दिवस आयोजित किया जाता है। लेकिन यह भी कार ही बन कर रह गया है। थाना दिवस पर राजस्वकर्मी अक्सर गायब रहते हैं जिससे भूमि विवादों का निपटारा नहीं हो पाता है। संपूर्ण समाधान दिवस तो पूरी तरह तमाशा बन कर रह गया है। खासकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तो सभी विभागों के अफसर भी होते हैं लेकिन कभी भी निस्तारण का आंकड़ा 20 फीसदी को नहीं छू सका है। यही नहीं हर बार डीएम की ओर से एक ही निर्देश दिए जाते हैं जिसे अधिकारी एक कर से सुन दूसरे कान से निकल देते हैं।
सोमवार को भी सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में देखने को मिला। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सदर तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। इस समाधान दिवस में भी भूमि विवाद, अवैध कब्जा, नाली निकास, वरासत, बैनामा, अंश निर्धारण सहित कई तरह की शिकायतें आईं। इनमें सर्वाधिक मामले भूमि विवाद के रहे। इस पर जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि लेखपाल, कानूनगो एवं पुलिस बल की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर पहुंच विवादों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 112 मामलों के सापेक्ष 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

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