बलिया: तहसील रसड़ा में डीएम-एसपी ने सुनी समस्याएं, लेखपाल/कानूनगो के निलंबन का निर्देश

बलिया: तहसील रसड़ा में डीएम-एसपी ने सुनी समस्याएं, लेखपाल/कानूनगो के निलंबन का निर्देश
बलिया। जनपद में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से शनिवार को तहसील रसड़ा में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस दौरान दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच कर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 119 आवेदन पत्र आए जिसमें 12 आवेदन पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया। शिकायतकर्ता राजेंद्र ग्राम खानवर नवादा ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि मेरे भाई ने जमीन कब्जा किया है और हमारा हिस्सा नहीं दे रहा है इस पर जिलाधिकारी ने लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लेखपाल/कानूनगो को निलंबित करने का निर्देश दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड, नाली निर्माण, अवैध कब्जा, वरासत, भूमि विवाद तथा अन्य राजस्व संबंधी मामलों से जुड़ी बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुईं। कई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनकी समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो पा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने राजस्व विभाग की टीम को निर्देशित किया कि भूमि विवाद, वरासत और अवैध कब्जे से जुड़े मामलों में तत्काल मौके पर पहुंचकर पैमाइश कराई जाए और निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि राजस्व टीम के साथ समन्वय स्थापित कर विवादित मामलों में शांति व्यवस्था बनाए रखें तथा आवश्यक होने पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि शेष प्रकरणों के लिए संबंधित विभागों को समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करने को कहा गया। डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगली समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों की स्थिति की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जनता को एक ही मंच पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में न्याय दिलाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याएं लिखित रूप में प्रस्तुत करें, ताकि उनका विधिवत समाधान कराया जा सके। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
———–

जिलाधिकारी ने जांची तहसील रसड़ा की व्यवस्था, रजिस्ट्रार कानूनगो को प्रतिकूल प्रविष्टि
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शनिवार को तहसील रसड़ा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर की व्यवस्थाओं में कई कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। डीएम ने तहसील परिसर की टूटी बाउंड्रीवॉल को तत्काल ठीक कराने तथा उसका प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। परिसर में स्थित शौचालयों की मरम्मत कर उन्हें सुचारु और स्वच्छ रखने को कहा। एसडीएम को निर्देशित किया कि तहसील परिसर बड़ा होने और पर्याप्त खाली स्थान होने के कारण वहां एक सुंदर पार्क विकसित कराया जाए। जर्जर भवनों को कंडम घोषित कर नए भवन निर्माण की कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए। परिसर में पड़ा पुराना व खराब जनरेटर हटाने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान डीएम खतौनी केंद्र कार्यालय भी पहुंचे। उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो से अनावश्यक अभिलेखों की पहचान कर प्रस्ताव तैयार करने और पुराने रिकॉर्ड हटाकर नए दस्तावेजों के सुव्यवस्थित रखरखाव की व्यवस्था करने को कहा। सभी अलमारियां खुलवाकर अभिलेखों की जांच की गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में आर0के0 द्वारा किए गए पट्टों की फाइल तलब की गई। जांच में पाया गया कि पट्टे की फाइल तो उपलब्ध थी, लेकिन उसका खतौनी में अंकन नहीं किया गया था। पत्रावलियों का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं मिला। इस पर संबंधित आर0के0/रजिस्ट्रार कानूनगो अनिल तिवारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना की फाइल अभिलेखागार में रखी पाई गई, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।रजिस्ट्रार कानूनगो को निर्देश दिए गए कि 10 दिन के भीतर सभी अभिलेखों की जांच कर अनावश्यक फाइलें हटाई जाएं। वर्ष 2020 से 2023 तक की लगभग 400 फाइलें लंबित पाई गईं। डीएम ने जांच कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कितने कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ मिला और कितने वंचित रह गए। साथ ही जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।संग्रह अभिलेखागार में अग्निशमन यंत्र चालू हालत में रखने, तहसील परिषद के सभी शौचालयों को कार्यशील व स्वच्छ रखने तथा टाइल्स लगाने के निर्देश दिए गए। परिसर में बेहतर रजिस्ट्रेशन व्यवस्था, सुव्यवस्थित आरक्षण कक्ष तथा हेल्प डेस्क स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि तहसील स्तर पर जनता को पारदर्शी, त्वरित और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण में एसडीएम रसड़ा, तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी गण उपस्थित है।
————-
जिलाधिकारी ने विकास खंड रसड़ा में एनआरएलएम व लेखाकार कक्ष की फाइलों को जांचा
*जर्जर भवनों को हटाने और नए निर्माण प्रस्ताव बनाने के दिए निर्देश*
बलिया। विकास खंड रसड़ा का शनिवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एनआरएलएम कक्ष एवं लेखाकार कक्ष का बारीकी से अवलोकन किया और वहां रखी फाइलों तथा निर्माण कार्य से संबंधित पत्रावलियों की जांच की। जिलाधिकारी ने अभिलेखों का निरीक्षण करते हुए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक विवरण प्राप्त किया। उन्होंने अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव तथा कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को निर्देशित किया कि विकास खंड परिसर में जो भी पुरानी एवं जर्जर भवन अनुपयोगी अवस्था में हैं, उन्हें चिन्हित कर हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही नए भवनों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों के सुचारू संचालन के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित भवन आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। निरीक्षण में बीडीओ रसड़ा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
