बलिया: डीएम ने देखा कलेक्ट्रेट का सच, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी

बलिया: डीएम ने देखा कलेक्ट्रेट का सच, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
*फाइलों में धूल मिलने पर डीएम सख्त, 15 दिन में व्यवस्था सुधारने के निर्देश*
*कलेक्ट्रेट में अब सभी फाइलें होंगी डिजिटल, स्कैनर खरीदने का आदेश*
*हर कक्ष में लगेंगे अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश*
*कर्मचारियों के नाम और कार्य का विवरण होगा प्रदर्शित, पारदर्शिता पर जोर*
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर का औचक निरीक्षण कर विभिन्न शाखाओं की कार्य प्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने संयुक्त कार्यालय कलेक्ट्रेट का निरीक्षण करते हुए फाइलों के रख- रखाव की स्थिति देखी। उन्होंने सहायक आर.के. बाबू से फाइल मंगाकर जांच की और निर्देश दिया कि फाइलों में धूल न जमे, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। पुरानी एवं निष्प्रयोज्य फाइलों को अभिलेखागार में भेजने तथा बेकार फाइलों को हटाने के निर्देश दिए। सभी पटल सहायकों को अपनी-अपनी फाइलों की समीक्षा कर अनावश्यक अभिलेख हटाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर प्रत्येक कार्यालय कक्ष में कर्मचारियों के नाम एवं उनके कार्यों का विवरण प्रदर्शित किया जाए। फालतू अलमारियों को हटाने तथा इनवर्टर बैटरियों को जमीन से उठाकर रैक में व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने सभी फाइलों की स्कैनिंग कर सॉफ्ट कॉपी तैयार करने के निर्देश देते हुए आवश्यकतानुसार स्कैनर मशीन क्रय करने को कहा। नई फाइलों को भी अनिवार्य रूप से स्कैन कर डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने पर जोर दिया। पुस्तकों को शीशे की अलमारी में सुव्यवस्थित रखने तथा संयुक्त कार्यालय में पुस्तकालय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष अनुभाग कक्ष, सहायक भूलेख अधिकारी कार्यालय, संग्रह अनुभाग कक्ष और न्यायिक अभिलेखागार का भी जायजा लिया गया। नाजीर को कलेक्ट्रेट के गलियारों में प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा पुराने दरवाजों पर पॉलिश कराने के निर्देश दिए गए। सीआरओ कोर्ट में नए कपड़े लगवाने और ‘न्यायालय मुख्य राजस्व अधिकारी’ का बोर्ड लगवाने को कहा। सहायक भूलेख अधिकारी कार्यालय में रंगाई-पुताई कराने तथा कंप्यूटर कक्ष में ए0सी0 लगाने के निर्देश दिए गए। न्यायिक अभिलेखागार में नमी के कारण फाइलों के खराब होने की आशंका पर चिंता जताते हुए उन्होंने आवश्यक बचाव उपाय करने तथा जिन अभिलेखों की क्रियाशीलता समाप्त हो चुकी है, उन्हें हटाने के निर्देश दिए। बीट करवाने योग्य फाइलों को निरस्त कराने को भी कहा। चकबंदी कार्यालय और कोर्ट रूम के निरीक्षण के दौरान टूटी अलमारी और बेंच तथा गंदगी मिलने पर उन्होंने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि आवश्यक बजट की मांग करें, यदि धनराशि न मिले तो उन्हें अवगत कराएं, लेकिन कार्यालय की व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। कुर्सी, टेबल और अलमारी की स्थिति बेहतर रखने और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजस्व अभिलेखागार परगना में रखी फाइलों के गंदे कपड़े पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने फाइलों को नए कपड़ों में सुरक्षित रखने को कहा। साथ ही प्रत्येक कक्ष में कम से कम 5 किलो क्षमता के अग्निशमन यंत्र लगाने, कुल मिलाकर न्यूनतम 15 अग्निशमन यंत्र स्थापित करने और बाहरी सूचना पट्ट लगाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कार्यालयों में स्वच्छता, अभिलेखों का सुव्यवस्थित रख-रखाव और डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्था प्राथमिकता में रहे, जिससे आमजन को बेहतर और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें। निरीक्षण में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सीआरओ त्रिभुवन एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
