बलिया में आग से 18 झोपड़ियां राख, एक मवेशी मरी

बलिया में विद्युत तारों की चिंगारी से 18 झोपड़ियां राख, एक मवेशी मरी
बलिया। बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग दो गांवों में मंगलवार को लगी आग से 18 झोपड़ियां और उसमें रखे सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सामान नहीं बचाया जा सका। आग में एक मवेशी जलकर मर गई। जबकि पशुपालक भी आंशिक रूप से झुलस गया।
बताया जाता है कि सुल्तानपुर गांव के खरीदहां राजभर बस्ती में मंगलवार की दोपहर बिजली के तारों से निकली चिंगारी से आठ परिवारों की 12 झोपड़ियां जलकर राख हो गयी। उस समय बस्ती के लोग अपने खेतों की ओर काम पर गए हुए थे। रामनाथ की झोपड़ी से आग की लपटें निकलती दिखाई दी। लोग कुछ समझ पाते तब तक तेज पछुआ हवा के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते आठ परिवारों की सभी झोपड़ियां जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से रामनाथ, पुष्पा देवी, रविंद्र , धर्मेंद्र , रमेश, शिवजी, मंटू व रमाकांत राजभर की झोपड़ियां जलकर राख हो गयी। मौके पर पंहुचे विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह ने सभी पीड़ित परिवारों में खाद्यान्न व अन्य राहत सामग्री वितरित किया।
उधर, खेवसर के रघुबरनगर में खाना बनाते समय निकली चिंगारी से आग लग गई, जिसमें चार लोगों की 6 झोपड़ियां जलकर राख हो गया। गांव के उमाशंकर यादव के घर में खाना बनाते समय आग लग गयी। आग लगने से उमाशंकर यादव, कमलेश यादव, राजेश यादव व बुला यादव की झोपड़ियां तथा उसमें मशीन, अनाज, कपड़ा, बिस्तर, बर्तन सभी सामान जल गए। आग बुझाने के दौरान बुला यादव भी मामूली रूप से झुलसकर घायल हो गये। बुला यादव की एक पड़िया की भी आग में जलकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत से आग पर काबू पाया।
