बलिया के प्रोबेशन विभाग में लाखों के घोटाला का आरोप, जांच जारी
बलिया के प्रोबेशन विभाग में लाखों के घोटाला का आरोप, जांच जारी
बलिया। प्रोबेशन विभाग में जनरेटर खरीद में लाखों के घोटाला का आरोप है। डीएम के निर्देश पर सीडीओ व वरिष्ठ कोषाधिकारी की टीम जांच कर रही है। आरोप यह भी है कि जेम पोर्टल पर एक कम्प्यूटर फर्म से खरीद की गई है। इसको लेकर विभाग में हड़कम्प मचा है।
शिकायतकर्ता जिले के रतसड़ निवासी राम प्रकाश पांडेय पुत्र स्व. कामेश्वर पांडेय ने बड़े ही सलीके से जिला प्रोबेशन अधिकारी को भ्रष्टाचार के मामले में घेरा। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से आरटीआई के तहत जानकारी जुटाई। इसमें राजकीय बालगृह (बालिका) निधरिया के लिए जेम पोर्टल से खरीदा गया जनरेटर भी था। सूचना में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनरेटर 10 केवीए स्वराज कम्पनी का है। इसकी खरीद 178000(एक लाख अठतर हजार रूपये) में की गई है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जिले के दो फर्म व एक गैर जनपद के फर्म से इसी जनरेटर के संबंध में कोटेशन मांगा। फर्म ने 91 हजार से 95 हजार कीमत बताया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उच्चाधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री व महिला कल्याण विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार के मंत्री, राज्यमंत्री व प्रमुख सचिव को शिकायती पत्र भेजा। बताया कि प्रोबेशन विभाग की ओर से खरीदे गए 10 केवीए स्वराज कम्पनी जनरेटर का अधिकतम बाजार मूल्य 91 हजार से 95 हजार रुपये सभी करों के सहित है। इनके द्वारा जेम पोर्टल पर एक कम्प्यूटर से सम्बन्धित फर्म से जनरेटर खरीदी गई है। आरोप लगाया कि जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा अपने रिश्तेदारों से मिलीभगत करके जेम पोर्टल के माध्यम से अन्य सामग्री का बाजार मूल्य से अधिक की लागत से क्रय कर सरकारी धन का दुरूपयोग किया जा रहा है। जांच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
शिकायत पर महिला कल्याण विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ल ने विभाग के निदेशक को जांच कर सख्त कार्रवाई करने व कार्रवाई से उन्हें भी अवगत कराने को कहा। लेकिन जब कोई जांच नहीं हुई तो इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने सीडीओ व वरिष्ठ कोषाधिकारी की दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कर कार्रवाई करने को कहा। जांच अभी चल रही है। सूत्र बता रहे कि टीम ने विद्युत विभाग के एक सहायक अभियंता से टेक्निकल जांच भी कराई है। रिपोर्ट भी सौंपी जा चुकी है। इसको लेकर विभाग के अंदरखाने हड़कम्प मचा है। सीडीओ ओजस्वी राज ने बताया कि बहुत पहले जांच के लिए अधिकारी नामित किया था। जल्द ही उसका निस्तारण होगा।
