बलिया के जवान की जम्मू सड़क हादसे में गई जान

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बलिया के जवान की जम्मू सड़क हादसे में गई जान

सीआईएसएफ जवान नीरज का पार्थिव शरीर पहुंचते ही मचा कोहराम

बलिया। चुनाव ड्यूटी के लिए गुरुवार को जम्मू के रियासी से चासना महावर जा रही सीआईएसएफ जवानों से भरी बस ज्योति पुरम में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें चार जवान घायल हो गए। उनमें एक जवान ने दम तोड़ दिया। मृतक जवान बलिया के सुखपुरा गांव निवासी नीरज सिंह 55 पुत्र राजवंत सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार को दोपहर बाद वाराणसी एयरपोर्ट से एमबुलेंस से उनके पैतृक निवास सुखपुरा पहुंचा।
बता दें कि दो बसों में सवार होकर सीआईएसएफ जवान महावर के लिए निकले थे। बताया जाता है कि जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूरी तय कर जब दोनों बस ज्योति पुरम पहाड़ी की चढ़ाई पर चल रही थी कि अगली बस में अचानक से खराबी आ गई। वह आगे बढ़ने बजाय पीछे चलने लगी। उसके ठीक पीछे चल रही दूसरी बस के चालक ने भी वाहन को रोक दिया। अगली बस पीछे की तरफ चलते हुए पिछली बस से टकरा गई। पिछली बस का बाया टायर सड़क की नाली में उतरने के साथ पहाड़ी से टकरा कर पलट गई। हादसे में चार जवान घायल हो गए। जिसमें एक जवान नीरज कुमार सिंह पुत्र राजवंव सिंह निवासी सुखपुरा बलिया की मौत हो गई। जवान का शव लेकर जम्मू सीआईएसएफ के इंस्पेक्टर भानु कुमार ने वाराणसी पहुंचे जहां से शव को वाराणसी एयर पोर्ट से सीआईएसएफ के उप निरीक्षक एसपी सिंह के नेतृत्व में
कांस्टेबल प्रियवर्त आर्य, कुंदन सिंह अंगद यादव रंजीत कुमार लेकर सुखपुरा स्थित पैतृक निवास पर दोपहर बाद पहुंचे। यहां जवानों द्वारा गार्ड आफ आनर दिया गया।


भीड़ ने लगाए गगनभेदी नारे
बलिया। जब नीरज का शव सीआईएसएफ के जवानों द्वारा पैतृक गांव सुखपुरा लाया गया। उस समय दरवाजे पर भीड लगी थी और माहौल गमगीन हो गया था। दरवाजे पर शव पहुंचते ही मौजूद लोग गगन भेदी नारे लगाए।


1988 में भर्ती हुए थे नीरज
सुखपुरा। कस्बा निवासी नीरज सिंह वर्ष 1988 में ही सीआईएसएफ कोलकाता में भर्ती हुए थे। वर्तमान में बोकारो सीआईएसफ में कार्यरत थे और जम्मू में चुनाव ड्यूटी पर गए थे। जहां दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी अनीता सिंह के अलावा एक पुत्र विशाल सिंह वह एक पुत्री अनुष्का है। चार भाइयों में सबसे बड़ा नीरज सिंह दूसरे नंबर पर धीरज सिंह मुनमुन तीसरे नंबर पर रंजीत प्रताप सिंह जबकि चौथे नंबर पर बंगाली सिंह है। इनमें से धीरज सिंह कई वर्षों से मर्डर केस में जिला जेल में बंद है। जबकि सबसे छोटे भाई बंगाली सिंह की दुर्घटना में मौत हो गई। पूरे परिवार का भार नीरज के ही कंधे पर चल रहा था। नीरज पिछले महीने अगस्त में अपनी इकलौती पुत्री अनुष्का के अपेंडिंस का ऑपरेशन करने के लिए घर आए थे। ऑपरेशन के बाद वह 4 सितंबर को घर से बोकारो के लिए निकले थे। 12 सितंबर को जम्मू जाते समय रास्ते में दुर्घटना में उनकी जान चली गई।


अफसर से लेकर बच्चों तक ने दी श्रद्धांजलि
बलिया। जम्मू में चुनाव ड्यूटी में जा रहे नीरज सिंह का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव सुखपुरा पहुंचा तो पहले से दरवाजे पर मौजूद उप जिला अधिकारी बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, नायब तहसीलदार शुभांशु शेखर श्रीवास्तव, विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह, थानाध्यक्ष सुखपुरा योगेंद्र प्रसाद सिंह ने पुष्प चक्र अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। उधर, विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय सुखपुरा नंबर एक व उच्च प्राथमिक विद्यालय सुखपुरा के छात्राओं ने विद्यालय प्रांगण में 2 मिनट का मौन रखकर अपनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने वालों में राहुल कुमार सिंह टिंकू, प्रमोद सिंह बुचू, पंकज कुमार सिंह, पंडित जनार्दन उपाध्याय, राजेश्वर सिंह, विनोद सिंह, व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह, समरेंद्र सिंह, हलचल सिंह आदि भी रहे।

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