बलिया के निबिया पोखरा चट्टी पर सड़क ही बन गया है ‘पोखरा’

बलिया के निबिया पोखरा चट्टी पर सड़क ही बन गया है ‘पोखरा’बलिया। वायना – निमिया पोखरा – अलावलपुर मार्ग वर्षों से ध्वस्त है। इस मार्ग पर पैदल चलना भी दुश्वार होत है। मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा होने से लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। सबसे बुराहाल निबिया पोखरा चट्टी का है जहां करीब दो से तीन सौ मीटर तक पानी भरा होने से तालाब बन गया है। इस मार्ग से पांच – छह सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों के बच्चे स्कूल आवागमन करते हैं। स्कूली बसों के पलटने का भय बना रहता है। जबकि मुख्यमंत्री की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है। बता दें कि वायना – निबिया पोखरा – अलावलपुर मार्ग पर तीन सरकारी और करीब तीन प्राइवेट विद्यालय संचालित होते हैं। जिनके बच्चे पैदल, साइकिल एवं स्कूली बस से आवागमन करते हैं। यही नहीं दुमदुमा गांव में दिव्यांग बच्चों के लिए कक्षा छठवीं से 12वीं तक का स्कूल भी संचालित होता है। इसके अलावा दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन होता है। इसके साथ ही निबिया पोखरा चट्टी पर सोमवार और शुक्रवार को सब्जी का बाजार लगता है जहां लोग काफी संख्या में खरीदारी करने पहुंचते हैं। आलम यह है कि वहां पर स्थापित दुकानदारों की रोजी-रोटी सड़क खराब होने और पानी लगने के कारण छिन चुकी है। ग्रामीण बताते हैं कि सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि इस पर चलना दूभर हो गया है। स्कूली वाहन के चालक जान हथेली पर रखकर चलाते हैं क्योंकि पलटने की संभावना काफी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि यह दंश हमलोग बीते छह – सात वर्षों से झेलते आ रहे हैं। यह भी बताया कि कटरिया में हर घर-घर जल कल योजना के तहत चल रहे कार्यों का जायजा लेने जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस मार्ग से आते जाते हैं। लेकिन उनकी नजर इस बदहाल मार्ग पर नहीं पड़ती है। निबिया पोखरा, भीखमपुर, दुमदुमा, कटरिया, पकड़ी सहित आसपास के गांव के ग्रामीणों ने बताया कि हल्की भी बारिश हो गई तो जान हथेली पर रखकर आवागमन करना पड़ता है।
