बलिया: किशोरी से छेड़खानी के दोषी को चार साल की सजा, 10 हजार का अर्थदंड भी
बलिया: किशोरी से छेड़खानी के दोषी को चार साल की सजा, 10 हजार का अर्थदंड भी
बलिया। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 8 विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम कांत की अदालत ने किशोरी के साथ घर में घुसकर छेड़खानी करने के मामले में दोषी को 4 साल के सश्रम कारावास व 10 हजार रुपए के अर्थ दण्ड से दंडित किया।
थाना मनियर पर वादिनी मुकदमा ने आवेदन दिया था कि मैं 13 जुलाई 2018 की शाम को खेत गई थी। मेरी
12 साल की लड़की घर में पढ रही थी और अकेली थी। तभी मनोज राजभर पुत्र रामेश्वर राजभर निवासी राजगांव रामपुर थाना बांसडीह जो मेरे पड़ोस के घर आया था घर में आकर मेरी लड़की का मुंह दबा हाथ पकड़ कर उससे छेड़छाड़ करने लगा। जब मेरी लड़की चिल्लाई तो घर से निकल कर भाग गया। जब मैं खेत से आई तो मेरी लड़की ने पूरी बात बताई। पति का बाहर से आने का इंतजार कर रही थी। ना आने के कारण रिपोर्ट करने आई हूं। वादिनि मुकदमा की तहरीर पर थाना मनियर पर मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना कर मनोज राजभर के खिलाफ विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। मामले का विचारन न्यायालय के द्वारा प्रारंभ किया गया। दौरान विचारन अभियोजन के तरफ से कुल 6 साक्षी को परीक्षित कराया गया। अभियोजन की तरफ से विमल कुमार राय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट व बचाव की तरफ बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के उपरांत न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ दोष साबित पाते हुए उसे 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया। अर्थ दण्ड अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
