बलिया में रिश्वत के आरोपी समेत पांच लेखपालों पर मुकदमा

बलिया में रिश्वत के आरोपी समेत पांच लेखपालों पर मुकदमा
लेखपालों की तहरीर पर अनशनकारी व अज्ञात पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पीड़ित का अनशन तीसरे दिन भी जारी, दो पूर्व विधायक भी नहीं समाप्त करा सके
बलिया। रसड़ा तहसील परिसर में बुधवार को एक महिला के किसान दुर्घटना बीमा मामले की पैरवी करने आए सामाजिक कार्यकर्ता संजीव गिरी की लेखपालों द्वारा पिटाई कर दी गई। संजीव ने पुलिस को तहरीर देने के बाद तहसील गेट पर ही अनशन शुरू कर दिया। इस मामले में पुलिस ने संजीव की तहरीर पर रिश्वत मांगने का आरोपी समेत पांच लेखपालों पर बुधवार देरशाम मुकदमा दर्ज किया। इसके करीब दो घंटे बाद लेखपालों की तहरीर पर संजीव व तीन चार अज्ञात के खिलाफ एससी एसटी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। उधर, संजीव गिरी का तीसरे दिन गुरूवार को भी रसड़ा तहसील परिसर के मुख्य गेट पर आमरण अनशन जारी रहा।अनशनकारी संजीव गिरी ने अनशन के दौरान लोगों से भिक्षा मांगकर लेखपाल लाल साहब के फोन पे नम्बर पर 10 हजार रिश्वत में से 15 सौ भेज भी दिया है।
संजीव गिरी ने तहरीर में आरोप लगाया है कि 11 फरवरी को ताड़ीबड़ा गांव निवासिनी विधवा सीमा सिंह की किसान दुर्घटना बीमा से संबंधित एक फाइल को दुरूस्त कराने की पैरवी करने रसड़ा तहसील में आया था। लेखपाल द्वारा 10 हजार रिश्वत मांगे जाने के आरोपों के बीच हाथापाई के बाद विवाद बढ़ गया और लेखपाल प्रेमशंकर यादव व लाल साहब प्रजापति के इशारे पर मनीष राम, सत्येंद्र यादव, प्रवीण कुमार और अन्य 4 लोगों ने मिलकर मेरे ऊपर जानलेवा हमला किया जिसका वीडियो मेरे कैमरे में है। वहीं, लेखपाल लाल साहब ने संजीव गिरी पर आरोप लगाया है कि संजीव गिरी अपने कुछ अज्ञात साथियों संग मेरे कमरे में आए और जबरन मेरे जेब में पैसा डालने लगे। जब मै इसका विरोध किया तो ये लोग वीडियो बनाने लगे। इस बीच मुझे गालियां देते हुए मुझे मारा-पीटा गया। बीच बचाव करने आए साथी लेखपाल मनीष कुमार गौतम के साथ भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौच की।
अनशनकारी की बिगड़ी तबियत
अनशनकारी संजीव गिरी का शुगर लेवल घटने व यूरिन में खून आने की समस्या हो गई है। स्वास्थ्य की जाँच करने आए चिकित्सक के अनुसार श्री गिरी का शुगर लेवल कम हो गया है और इनके द्वारा पेशाब मे खून आने की भी शिकायत की गयी है। ऐसी स्थिति मे इनको अच्छी चिकित्सकीय सुविधा की जरूरत है।
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दो पूर्व विधायक भी नहीं तोड़वा सके अनशन
संजीव गिरी के आमरण अनशन को तोड़वाने के लिए बीजेपी के दो पूर्व विधायकों रामइक़बाल सिंह व सुरेंद्र सिंह ने पूरी कोशिश की। लेकिन संजीव गिरी ने आरोपी लेखपालों व उसके सहयोगियों पर जबतक कार्यवाही नहीं हो जाती है, तब तक अनशन नहीं तोड़ने की बात कही।
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बलिया में खुलेआम रिश्वत का खेल, विरोध पर पिटाई, मुकदमा
बलिया में सरकारी कर्मचारियों द्वारा दबंगई के साथ न सिर्फ वसूली चरम पर है बल्कि इसका विरोध करने वालों को सरेआम पीट कर मुकदमा भी दर्ज करा रहे है। खासकर राजस्व विभाग में यह खेल खूब चल रहा है।
बता दें कि बलिया शहर के एक सेवई निर्माता व्यापारी को खाद्य विभाग के उच्चधिकारी ने अपने घर बुलाकर मारा पीटा और दोनों भाइयों के साथ ही अन्य दस लोगों पर मुकदमा भी कायम करा दिया। व्यापारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने व व्यापार बंद करने के बाद ही आरोपी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
सदर तहसील नायब तहसीलदार गड़हा का कई वीडियो वायरल हुआ। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके कार्यालय में आज भी प्राइवेट व्यक्ति मुकदमों की फाइलें देखता है और साहब की डिलिंग करता है।
अब यह तीसरा मामला रसड़ा का सामने आया है। यहां लेखपाल ने रिश्वत मांगी और विरोध करने पर शिकायतकर्ता युवक को ही अपने साथियों संग सरेआम पीट दिया और बाद में मुकदमा भी लिखवा दिया। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी बलिया का प्रशासन पीड़ित युवक द्वारा आमरण अनशन शुरू करने व जनमानस के आक्रोश के बाद ही आरोपी लेखपालों और उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा लिखने पर मजबूर हुआ।
